डोडा, जम्मू-कश्मीर: 16 जुलाई, 2024 – जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आज सुबह भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सेना के चार जवान शहीद हो गए। सूत्रों के अनुसार, सेना को आतंकवादियों के डोडा के एक जंगली इलाके में छिपे होने की सूचना मिली थी।
सेना का जवाबी हमला, भारी मुठभेड़
जैसे ही सेना का दल इलाके में पहुंचा, आतंकवादियों ने उन पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की और करीब आधे घंटे तक मुठभेड़ चली। इस मुठभेड़ में चार जवान शहीद हो गए, जबकि आतंकवादियों को भी भारी नुकसान हुआ।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सेना आतंकवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने सेना को आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
विपक्ष का रवैया: दुख और सवाल
विपक्ष ने भी इस घटना पर दुख जताया है, लेकिन कुछ नेताओं ने सरकार पर आतंकवाद से निपटने में नाकामी का आरोप भी लगाया है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी, जांच underway
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल को घेर लिया है और एक combing operation चलाया जा रहा है ताकि किसी भी छिपे हुए आतंकवादी को ढूंढा जा सके। घटना की जांच भी underway है।
सूत्रों के अनुसार:
मुठभेड़ 16 जुलाई, 2024 को सुबह 7:30 बजे के आसपास हुई।मुठभेड़ डोडा जिले के Desa जंगल के इलाके हुई। शहीद जवानों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।आतंकवादियों की संख्या और हताहतों की संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं है।यह घटना एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खतरे को उजागर करती है। भारतीय सेना आतंकवाद का सफाया करने के लिए अथक प्रयास कर रही है, लेकिन इसके लिए नागरिकों का भी सहयोग महत्वपूर्ण है।
ई खबर मीडिया के लिए हर्ष वर्धन सोलंकी बुलंदशहर की रिपोर्ट





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