Thursday, March 19, 2026
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प्यार की आड़ में धोखा: कोर्ट मैरिज के बाद पत्नी को छोड़ फरार हुआ पुलिसकर्मी का बेटा, पीड़िता ने लगाई न्याय की गुहार

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्यार के नाम पर धोखे का एक और उदाहरण देखने को मिला। अंबेडकर वार्ड हेठी रोड वडसा की रहने वाली 25 वर्षीय नीलिमा प्रधान ने एक बार फिर अपने पति राजकुमार प्रधान और उसके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। नीलिमा और राजकुमार की कोर्ट मैरिज 27 मार्च 2024 को हुई थी, जोकि दोनों के तीन साल के लिव-इन रिलेशनशिप का परिणाम थी। इस रिश्ते की शुरुआत प्यार और विश्वास पर हुई थी, लेकिन शादी के बाद वह सब एक झूठ और धोखे में तब्दील हो गया।

तीन साल का लिव-इन रिलेशनशिप, फिर अचानक बदल गई दुनिया

नीलिमा प्रधान ने मीडिया को अपनी दर्दभरी कहानी बताते हुए कहा कि वह और राजकुमार पिछले तीन साल से एक-दूसरे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। दोनों के बीच बेइंतहा प्यार था और उन्होंने एक साथ जिंदगी बिताने का सपना देखा था। राजकुमार के प्रति उसका अटूट विश्वास था और इसीलिए उसने बिना किसी हिचकिचाहट के 27 मार्च को कोर्ट में जाकर उससे शादी कर ली। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। शादी के तुरंत बाद राजकुमार का व्यवहार बदल गया।

शादी के बाद बदला राजकुमार, घर ले जाने से किया इनकार

नीलिमा प्रधान ने बताया कि शादी के बाद, जहां हर महिला अपने पति के साथ नए जीवन की शुरुआत करती है, वहीं उसके सपनों को कुचलते हुए राजकुमार ने उसे अपने घर ले जाने से साफ मना कर दिया। राजकुमार के इस फैसले से नीलिमा सदमे में थी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और खुद से राजकुमार के घर का पता करके वहां पहुंच गई।

जब वह राजकुमार के घर पहुंची, तो घर के गेट पर ताला लगा हुआ था, जबकि अंदर उसके ससुराल वाले मौजूद थे। नीलिमा ने घंटों इंतजार किया, लेकिन किसी ने दरवाजा खोलने की जहमत नहीं उठाई। राजकुमार और उसके परिवार ने उसे साफ तौर पर 6 महीने का समय मांगा, यह कहकर कि फिलहाल वे उसे अपने घर में नहीं रख सकते। नीलिमा ने हार नहीं मानी और अपने हक की लड़ाई लड़ने का फैसला किया।

पुलिस ने नहीं की मदद, नीलिमा का आरोप – मामला घरेलू बताकर टाल दिया

नीलिमा ने पुलिस की मदद लेने का भी प्रयास किया, लेकिन उसे वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। जब वह बरसा देसाईगंज पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो पुलिस ने उसके मामले को घरेलू कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। पुलिस की इस लापरवाही से परेशान नीलिमा ने मीडिया का सहारा लिया और अपने पति राजकुमार प्रधान और उसके परिवार के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई।

पति का परिवार भी कर रहा है सहयोग, पिता और भाई पुलिस में कार्यरत

नीलिमा प्रधान ने बताया कि उसके पति राजकुमार प्रधान के माता-पिता भी उसे बचा रहे हैं और उसे मिलने से रोक रहे हैं। राजकुमार के पिता मधुकर प्रधान नागपुर पुलिस में एक प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत हैं, जबकि उसका भाई ओमकार प्रधान भी पुलिस विभाग में कार्यरत है। नीलिमा ने आरोप लगाया कि राजकुमार के परिवार ने उसे छुपा रखा है और उसका मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया है, ताकि उससे कोई संपर्क न हो सके।

मीडिया से लगाई न्याय की गुहार – “पिछले 3-4 साल से खेल रहा था मेरे साथ”

नीलिमा प्रधान ने मीडिया के माध्यम से अपनी व्यथा बताते हुए कहा, “राजकुमार पिछले तीन-चार साल से मेरे साथ खेलता आ रहा है। उसने मुझे प्यार के नाम पर धोखा दिया और अब शादी के बाद मुझे छोड़कर फरार हो गया। उसके परिवार ने भी मुझे अकेला छोड़ दिया और मुझे घर में रखने से इनकार कर दिया। मैं न्याय चाहती हूं और उम्मीद करती हूं कि मेरी आवाज सुनी जाएगी।”

नीलिमा प्रधान की यह कहानी सिर्फ उसके लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए एक उदाहरण है, जो प्यार और विश्वास के नाम पर धोखा खाती हैं। नीलिमा की लड़ाई अब सिर्फ उसके अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के हक की भी है, जिन्हें उनके पति और परिवार ने धोखा दिया है।

राजकुमार प्रधान की पहचान – पुलिस परिवार से जुड़ा होने के बावजूद फरार

गौरतलब है कि राजकुमार प्रधान, जिसका परिवार पुलिस से जुड़ा हुआ है, खुद कानून की आड़ में फरार हो गया है। नीलिमा प्रधान के मुताबिक, राजकुमार के पिता मधुकर प्रधान नागपुर पुलिस में हैं और उसका भाई ओमकार प्रधान भी पुलिस विभाग में कार्यरत है। इसके बावजूद, नीलिमा को न्याय दिलाने की कोशिशों में रोड़े डाले जा रहे हैं।
*नीलिमा का संकल्प – “मैं अपने हक के लिए लड़ती रहूंगी”*

नीलम नहीं जानकारी देते हैं बताया कि पति राजकुमार की मां वीना प्रधान और मौसी घर के अंदर नहीं आने दे रही मैं कई घंटे से गेट के बाहर खड़ी हुई हूं परंतु घर का गेट नहीं खोल रही लॉक लगा रखा है।

नीलिमा ने अंत में कहा, “मैं इस लड़ाई को तब तक लड़ूंगी, जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता। मैं उसे कभी माफ नहीं करूंगी जिसने मेरे साथ इतने सालों तक धोखा किया। मुझे मेरे अधिकार चाहिए और मैं उसे पाने के लिए हर संभव कोशिश करूंगी।

 

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

भोपाल: एसपी राहुल लोढ़ा के ट्रांसफर से पहले बजरंग दल का कड़ा विरोध, अभिषेक कुशवाहा और सुरेंद्र सिंह चौहान के विशेष नेतृत्व में सड़कों पर उतरे सैकड़ों कार्यकर्ता

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसपी राहुल कुमार लोढ़ा की नियुक्ति से पहले ही बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। रतलाम में गणेश प्रतिमा जुलूस के दौरान उपजे विवाद में एसपी लोढ़ा द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। इस घटना में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और एक युवक की मौत से आक्रोशित बजरंग दल ने राहुल लोढ़ा को हिंदू विरोधी मानसिकता का अधिकारी करार दिया।

गणेश प्रतिमा जुलूस पर विवाद और पुलिस की कार्रवाई

रतलाम में गणेश प्रतिमा के जुलूस के दौरान पत्थरबाजी की अफवाह फैली, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद माहौल बिगड़ गया, और हिंसा के दौरान एक युवक की मौत हो गई। बाद में एसपी राहुल लोढ़ा ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर पत्थरबाजी की घटना को झूठा करार दिया, जिसके बाद हिंदू संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि एसपी लोढ़ा ने हिंदू संगठनों को जानबूझकर निशाना बनाया।

जिला वीर सावरकर प्रताप प्रखंड मंत्री अभिषेक कुशवाहा और प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह चौहान का नेतृत्व

बजरंग दल के *जिला वीर सावरकर प्रताप प्रखंड मंत्री अभिषेक कुशवाहा* और प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह चौहान ने इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य भूमिका निभाई। दोनों ने मिलकर रतलाम की घटना में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा संभाला और एसपी राहुल लोढ़ा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। अभिषेक कुशवाहा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने बिना निष्पक्ष जांच के हिंदू समुदाय को दोषी ठहराने का प्रयास किया, और लोढ़ा की हिंदू विरोधी मानसिकता को उजागर किया।

अभिषेक कुशवाहा ने कहा, “हम हिंदू समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। एसपी लोढ़ा ने जानबूझकर हिंदू संगठनों को निशाना बनाया और हम इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।”

भोपाल में लोढ़ा का ट्रांसफर और बजरंग दल की चेतावनी

भोपाल में एसपी राहुल लोढ़ा की नियुक्ति से पहले हुए इस व्यापक विरोध और अभिषेक कुशवाहा तथा सुरेंद्र सिंह चौहान के विशेष नेतृत्व में उठी आवाज ने प्रशासन पर दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप लोढ़ा का ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि यह ट्रांसफर प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन बजरंग दल इसे अपनी जीत मान रहा है।

सह संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत और विभाग मंत्री जीवन शर्मा ने भी इस विरोध प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई। दोनों नेताओं ने कहा कि हिंदू समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर बजरंग दल चुप नहीं बैठेगा और भविष्य में भी इस प्रकार के कदम उठाए जाते रहेंगे।

बजरंग दल की भविष्य की रणनीति

बजरंग दल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में हिंदू समाज के खिलाफ इस प्रकार की घटनाएं दोहराई गईं, तो वह और बड़ा आंदोलन करेंगे। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं, और अभिषेक कुशवाहा और सुरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में युवाओं को एकजुट कर राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने के लिए काम करता रहेगा।

*संयोजक दिनेश यादव* ने इस विरोध को संगठन की एकता और ताकत का प्रतीक बताते हुए कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

प्रतापगढ़ की सीमा कुमारी ने सोशल मीडिया पर मचाया धमाल, गरीबी से लड़कर बना रही है अपनी अलग पहचान!

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के जगतपुर गांव की 25 वर्षीय सीमा कुमारी आज सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सीमा ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर सोशल मीडिया को अपनी जिंदगी बदलने का जरिया बनाया है।

सीमा के पति, स्वर्गीय रमा शंकर पटेल के निधन के बाद से उन पर अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी आ गई है। सीमा की माता सावित्री देवी और पिता राम आसरे पटेल का उन्हें पूरा समर्थन मिला है। उनके दो बच्चे हैं, जिनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सीमा दिन-रात मेहनत कर रही हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर सीमा के रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। उनका यूट्यूब चैनल @SeemaSeema61240 पर 1.42K सब्सक्राइबर्स हैं, और अब तक उन्होंने 1.9K वीडियो अपलोड किए हैं। उनके वीडियो को सोशल मीडिया पर ‘सोशल मीडिया क्वीन’ के नाम से जाना जाने लगा है।

सीमा का सपना है कि उनके वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोग देखें और शेयर करें, ताकि वह अपनी पहचान बनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकें। अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए सीमा ने बताया कि उन्हें सरकार से आर्थिक मदद की भी जरूरत है, ताकि वे अपने बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकें।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

रतलाम में एसपी का ट्रांसफर: बजरंग दल के युवा कार्यकर्ता अभिषेक कुशवाहा का सक्रिय योगदान

भोपाल। मध्य प्रदेश में देर रात एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ, जब आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई। इसमें रतलाम और नरसिंहपुर जिलों के एसपी बदले गए। रतलाम के एसपी राहुल कुमार लोढ़ा का तबादला एसपी रेल भोपाल के रूप में कर दिया गया, जबकि नरसिंहपुर के एसपी अमित कुमार को रतलाम जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया है।

इस प्रशासनिक फेरबदल की पृष्ठभूमि में रतलाम में गणेश स्थापना के दिन हुए उपद्रव का मामला मुख्य कारण बनकर उभरा। उस दिन हिंदू संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। एसपी रहते हुए राहुल लोढ़ा ने सांप्रदायिक विवाद को सुलझाने की कोशिश की थी, और जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो उन्होंने उपद्रवियों पर लाठीचार्ज के आदेश दिए थे।

घटना के दौरान अफवाह फैली थी कि समुदाय विशेष द्वारा गणेश प्रतिमा जुलूस पर पत्थर फेंके गए थे। इस पर राहुल लोढ़ा ने सक्रियता से सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई, जिसमें यह साबित हुआ कि पत्थरबाजी की अफवाह झूठी थी। बावजूद इसके, कुछ संगठनों द्वारा हिंसा जारी रही, जिस पर एसपी लोढ़ा ने सख्त कदम उठाते हुए स्थिति को काबू में किया।

हालांकि, हिंदू संगठनों ने लोढ़ा की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और बजरंग दल ने पुलिस की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई। बजरंग दल के प्रांतीय युवा कॉर्डिनेटर अभिषेक कुशवाहा ने इस मामले में विशेष भूमिका निभाई। अभिषेक कुशवाहा, जो न केवल एक आईटी प्रोफेशनल हैं, बल्कि युवाओं को राष्ट्रवाद और धर्म-संस्कृति की ओर प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ने रतलाम में एसपी लोढ़ा की कार्रवाई का विरोध किया।

अभिषेक कुशवाहा ने प्रशासन पर दबाव डालते हुए एसपी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा, जिसमें पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जांच की मांग की गई थी। ज्ञापन के चार घंटे बाद ही देर रात राहुल लोढ़ा का तबादला कर दिया गया। यह कदम अभिषेक कुशवाहा और उनके नेतृत्व में बजरंग दल की सक्रियता को दर्शाता है।

अभिषेक कुशवाहा ने युवाओं को एकजुट कर रतलाम की जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व किया, और उनके प्रयासों ने सरकार को स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने पर मजबूर किया। यह कदम न केवल बजरंग दल की शक्ति और संगठन की प्रभावशीलता को दिखाता है, बल्कि युवाओं के नेतृत्व में राष्ट्रवाद की भावना को भी उजागर करता है।

प्रदेश की जनता और बजरंग दल के कार्यकर्ता अभिषेक कुशवाहा के इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने एसपी लोढ़ा की कथित मनमानी को चुनौती देकर रतलाम में न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चि

इंद्रदेव की कृपा बरकरार बनें होंने के कारण, अब 14 सितंबर 2024 का भी घोषित हुआ अवकाश

अलीगढ़ अलर्ट: अलीगढ़ में दिनांक: 11/7/2024 से लगातार हो रहीं बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने 14 सितंबर शनिवार को भी स्कूलों का अवकाश घोषित करनें के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पत्र निर्गत कर समस्त सरकारी/गेर सरकारी/प्राइवेट/सी•बी•एस•ई•/आई•सी• एस•ई• एवं समस्त शिक्षण संस्थानों से जुड़े नर्सरी से कक्षा-12 तक के स्कूल शनिवार 14 सितंबर को भी बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

ई खबर मीडिया के लिए अलीगढ़ से नितिन अरोड़ा की रिपोर्ट

जिला गया में जमीन विवाद को लेकर मारपीट, पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा और न्याय की लगाई गुहार!

आज हम बात करेंगे एक बेहद गंभीर मामले की, जो बिहार के गया जिले के बाबुगंज सलेमपुर इलाके में सामने आया है। यहाँ जमीन विवाद को लेकर एक परिवार को मारपीट और धमकियों का शिकार होना पड़ा है। पीड़िता चमेली देवी ने अपनी आपबीती मीडिया के माध्यम से साझा की है और न्याय की गुहार लगाई है।

13 सितंबर की सुबह, जब मवेशियों को मंदिर के पास बांधने को लेकर विवाद हुआ, तो 35 वर्षीय दीपु कुमार यादव और उनके साथी ने पीड़िता के भतीजे राजू कुमार पर हमला कर दिया। उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे बुरी तरह पीटा। चमेली देवी ने तुरंत 112 पुलिस को बुलाया, पर उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया।

112 के जाने के बाद, दीपु कुमार यादव अपने साथियों के साथ वापस आया और हथियारों के साथ उनके घर पर हमला कर दिया। परिवार को डराते-धमकाते हुए घर के पेड़-पौधों और चबूतरे को भी नुकसान पहुंचाया। यहाँ तक कि परिवार को घर के अंदर बंद कर दिया गया।

पीड़िता ने इस घटना का वीडियो और फोटो रिकॉर्ड किया है और आरोप लगाया है कि दीपु यादव ने धमकी दी कि वह पुलिस को भी खरीद लेगा। दोस्तों, ये बहुत ही चिंता का विषय है कि कैसे एक गरीब परिवार को इस तरह की परिस्थितियों में घिरा जा रहा है।

 

चमेली देवी ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है और न्याय की अपील की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। हम उम्मीद करते हैं कि इस गरीब परिवार को जल्द न्याय मिलेगा और आरोपियों को सख्त सजा दी जाएगी।

गया में जमीन विवाद को लेकर मारपीट, पीड़ित ने थानाध्यक्ष से लगाई न्याय की गुहार

क्या है पूरा मामला?
गया के बाबुगंज सलेमपुर, थाना मुफास्सिल, जिला गया की निवासी चमेली देवी ने थानाध्यक्ष हरिजन थाना चन्दौली (गया) को एक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, 13 सितंबर की सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच मंदिर के पास मवेशी बांधने को लेकर विवाद हुआ। चमेली देवी ने बताया कि 35 वर्षीय दीपु कुमार यादव, पिता अनिल कुमार यादव, लगातार मंदिर के पास गाय बांधता है, जिसका विरोध करने पर उनके भतीजे राजू कुमार को बुरी तरह पीटा गया और उसकी शर्ट भी फाड़ दी गई।

चमेली देवी ने बताया कि जब विवाद बढ़ा तो 112 नंबर पुलिस को बुलाया गया, लेकिन उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया। 112 के जाने के बाद दीपु कुमार यादव अपने साथी गुड्डू कुमार भादव, बम्बम यादव, अमित कुमार यादव और 10-12 अज्ञात लड़कों के साथ हथियार लेकर आया और परिवार को घेर लिया। आरोप है कि उन्होंने घर के पास लगे पेड़-पौधों और चबूतरे को नुकसान पहुंचाया और परिवार को घर के अंदर बंद कर दिया।

चमेली देवी का कहना है कि उन्होंने घटना का वीडियो और फोटो भी रिकॉर्ड किया है। उनका आरोप है कि दीपु कुमार यादव ने धमकी दी कि वह पुलिस को भी खरीद लेगा। उन्होंने कहा कि वह एक गरीब वर्ग से आती हैं और उन्हें लगातार इस तरह के अतिक्रमण और धमकियों का सामना करना पड़ता है।

चमेली देवी ने थानाध्यक्ष से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सुगन बाई परमार का निधन ।

पीपलरावां । गत दिवस अध्यापक संतोष परमार, संजय परमार, रवि परमार की माता जी एवं रामचरण परमार की धर्म पत्नी श्रीमती सुगन बाई परमार का जबकि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था कि अचानक सुगन बाई परमार को बेठे बेठाये ही चक्कर आये और गिर पड़ी हल्की सी उल्टी हुई, यही कारण था कि हृदय घात से उनका निधन हो गया । उनके निधन की खबर लगते ही परिवार सहित गांव में शोक छा गया । वही 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की ।
इस अवसर पर अध्यापक गंगाराम परमार, डॉक्टर रायसिंह परमार, बनेसिंह परमार, प्रहलाद सिंह परमार, प्रहलादसिंह धाकड़, लख्मीचंद धाकड़, अंबारामशिंदे अध्यापक रईस खानमंसूरी, सचिव लखन परमार, अलाउद्दीन खान मंसूरी आदि ने उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी ।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

12 वर्षों से फरार दोआरोपी गिरफ्तार ।

देवास पीपलरावां । पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय जिला देवास के द्वारा फरार स्थाई वारंटियो कोगिरफ्तार करनेहेतू मुहिम निरंतर जिले के अंदर जारी है ,इसी के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदोरिया देवास के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सोनकच्छ दीपा मांडवे के नेतृत्व में थाना पीपलरावा की टीम गठित की गई थी।थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत के द्वारा बताया गया कि प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल व आरक्षक सुरेश शर्मा के द्वारा 12 वर्षों से चोरी के प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी भगवान सिंह पिता नागुलाल एवं चंद्ऱ सिंह पिता रणजीत सिंह निवासी ग्राम टुगनीको गिरफ्तार न्यायालय इंदौर में पेश किया गया ।जो 12 वर्षों से फरार थे ।इसी प्रकार अभी तक थाना पीपलरावा के द्वारा स्थाई फरार वारंटी बाबूलाल, पप्पू उर्फ ईशाक, सुनील प्रजापत, राहुल परिहार ,गोविंद गुर्जर ,कमल गुर्जर ,गंगाराम गुर्जर, राकेश गुर्जर ,सुनील बागरी,ओमप्रकाश कारपेंटर, कन्हैयालाल ,मांगीलाल गुर्जर, लाड सिंह गुर्जर ,लोकेंद्र सिंह ,सरदार सिंह, गणेश ,जो कि विगत कई वर्षों से जमानत के बाद कोर्ट सेफरार थे ।जिनके स्थाई वारंट कोर्ट द्वारा जारी किए गए थे । सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय मेपेश किया गया। करीब 20 पुराने स्थाई फरारवारंटी को गिरफ्तार करने में यान्यायालय पेश करने में थाना पीपलरावा पुलिस के प्रधान आरक्षक बाबूलालपटेल एवं आरक्षक सुरेश शर्मा का सरहानीय योगदान रहा। फरार वारंटीयो के खिलाफ थाना पीपलरावा की मुहिम निरंतर जारी है।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

गर्भवती पत्नी को जान से मारने की धमकी, पीड़िता ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

मुरादाबादः एक दुखद घटनाक्रम में, श्रीमती पारूल ने अपने पति सोनू शर्मा के खिलाफ जान से मारने की धमकी और मारपीट की शिकायत की है। पारूल, जो जिला चिकित्सालय मुरादाबाद में निवास करती हैं, ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनके पति ने शराब पीकर उनकी पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी।

पारूल की शादी 16 महीने पहले ग्वालियर, मध्य प्रदेश निवासी सोनू शर्मा से हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। वर्तमान में 3 माह की गर्भवती पारूल ने बताया कि सोनू शर्मा ने धमकी दी है कि यदि वह अपना बच्चा गिरा नहीं देगी तो उसे अपने साथ नहीं रखेगा। पारूल का पहले भी 2 माह का बच्चा था।

आरोप है कि सोनू शर्मा ने पारूल को मारपीट कर ग्वालियर भेज दिया और कहा कि उसकी प्रभावशाली लोगों से जान-पहचान है, इसलिए उसकी शिकायतों का कोई असर नहीं होगा। उन्होंने पारूल को यह भी बताया कि उसकी माँ ने उसे बेदखल कर दिया है, जो कि पूरी तरह से गलत है।

पारूल ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि सोनू शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और न्याय की उम्मीद जताई है। इस मामले की रिपोर्ट स्थानीय पुलिस में भी दर्ज कराई गई है।

“अगर तूने तलाक लेने की कोशिश की तो मैं तेरे घरवालों को जान से मार दूंगा, जो भी तेरा साथ देगा, उसे भी नहीं छोडूंगा। और मैं कोर्ट के जरिए तुझसे बच्चा छीन लूंगा, 5 लाख में। वह अपनी मां के कहने पर ये सब कर रहा है, उसकी मां को 3 लाख का दहेज चाहिए था।”

संबंधित अधिकारियों से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और आरोपी को सजा दिलाई जा सके।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश, पीड़ित ने प्रशासन से न्याय की मांग की

कौशाम्बी: ग्राम सैदनपुर, थाना मंझनपुर के निवासी धर्मवीर सरोज ने मीडिया के माध्यम से सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। धर्मवीर ने आरोप लगाया है कि उनके गांव के कुछ दबंग व्यक्ति सरकारी आम रास्ते पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

धर्मवीर का कहना है कि उनकी भूमिधरी आराजी सं. 347 के पश्चिम में स्थित पक्की सड़क के पास विपक्षीगण, जिनमें सूरजपाल, राजेश और बच्चालाल शामिल हैं, जबरन निर्माण कर रहे हैं। धर्मवीर ने बताया कि 5 जुलाई 2024 को सुबह लगभग 5 बजे ये लोग फावड़े और कुदाल लेकर आए और सरकारी रास्ते पर नींव खोदने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो विपक्षीगण ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

धर्मवीर ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया। हालांकि, विपक्षीगण ने फिर से धमकी दी कि वे जल्द ही और लोगों के साथ आकर निर्माण पूरा करेंगे। धर्मवीर ने बताया कि हल्का लेखपाल की रिपोर्ट में भी अवैध अतिक्रमण की पुष्टि की गई है, फिर भी दबंगों द्वारा बार-बार कब्जा करने की कोशिशें जारी हैं।

धर्मवीर ने जिलाधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे के दौरान किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को रोका जाए और उनकी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनकी और ग्रामीणों की बड़ी क्षति होगी और उनका आवागमन बाधित हो जाएगा।

धर्मवीर ने सरकार से मांग की है कि उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि दबंगों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जा सके और उन्हें न्याय मिल सके।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट