Saturday, March 21, 2026
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SBI ‘अमृत-कलश’ स्कीम में 31 मार्च तक कर सकेंगे निवेश:इसमें सीनियर सिटिजन को 7.60% और अन्य को मिल रहा 7.10% सालाना ब्याज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी स्पेशल फिक्स डिपॉजिट (FD) स्कीम अमृत कलश में निवेश करने की लास्ट डेट बढ़ा दी है। अब इसमें आप 31 मार्च 2025 तक निवेश कर सकेंगे। पहले इसकी लास्ट डेट 30 सितंबर 2024 थी। इस स्कीम में सीनियर सिटिजन को FD पर 7.60% और अन्य को 7.10% सालाना ब्याज मिल रहा है।

इस स्पेशल फिक्स डिपॉजिट स्कीम में 400 दिन के लिए निवेश करना होता है। ऐसे में अगर आप FD पर ज्यादा ब्याज चाहते हैं तो इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं।

ये एक स्पेशल टर्म डिपॉजिट

अमृत कलश एक स्पेशल रिटेल टर्म डिपॉजिट यानी FD है। इसमें सीनियर सिटिजन को 7.60% और आम नागरिकों को 7.10% के दर से इंटरेस्ट रेट मिलता है। इसमें अधिकतम 2 करोड़ रुपए की FD करा सकते हैं। अमृत कलश स्कीम के तहत आपको ब्याज का भुगतान प्रति महीना, प्रति तिमाही और हर छमाही किया जाता है। आप अपनी सुविधा के अनुसार FD ब्याज का पेमेंट तय कर सकते हैं।

ऑनलाइन या ऑफलाइन कर सकते हैं निवेश

इस स्कीम में निवेश करने के लिए आप बैंक के ब्रांच जाकर भी निवेश कर सकते है। वहीं नेटबैंकिंग और SBI YONO ऐप के जरिए भी इसमें निवेश किया जा सकता है। अमृत कलश पर आम FD की तरह ही लोन लेने की सुविधा भी मिलती है।

अमृत वृष्टि स्कीम में भी कर सकते हैं निवेश

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ‘अमृत वृष्टि’ नाम से एक दूसरी डिपॉजिट स्कीम भी चला रहा है। इस स्कीम के तहत 444 दिनों के लिए FD कराने पर 7.25% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वहीं सीनियर सिटीजन को सालाना 7.75% के हिसाब से ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना में 31 मार्च 2025 तक निवेश कर सकते हैं।

SBI ‘वीकेयर’ स्कीम में भी निवेश का मौका

SBI ने एक अन्य स्पेशल टर्म डिपॉजिट (FD) स्कीम ‘वीकेयर’ भी चला रहा है। SBI की इस स्कीम में सीनियर सिटीजन को 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि के डिपॉजिट (FD) पर 50 बेसिस पॉइंट्स का एक्स्ट्रा ब्याज मिलेगा। सीनियर सिटिजन को 5 साल से कम के रिटेल टर्म डिपॉजिट पर आम पब्लिक के मुकाबले 0.50% ज्यादा ब्याज मिलता है।

ऐसे मे ‘वीकेयर डिपॉजिट’ स्कीम के तहत 5 साल या इससे ज्यादा की FD पर सामान्य नागरिकों की तुलना में 1% ज्यादा ब्याज मिलेगा। इस हिसाब से 5 साल या इससे ज्यादा समय के लिए FD कराने पर सीनियर सिटीजन को 7.50% ब्याज मिल रहा है।

लाडकी बहन योजना से लटकी सब्सिडी, बंद होने की कगार पर उद्योग, सरकार को विषकन्या बता नितिन गडकरी का निशाना

नागपुर : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उद्यमियों से कहा कि वे सरकारी सब्सिडी पर निर्भर न रहें। उन्होंने कहा कि सरकार के पास महिलाओं के लिए हाल ही में शुरू की गई कल्याणकारी लड़की बहन योजना जैसी अन्य प्रतिबद्धताएं भी हैं। नागपुर में विदर्भ आर्थिक विकास परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘आप जो भी सब्सिडी ले सकते हैं, उसका लाभ उठाएं, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपको यह कब मिलेगी।’
नितिन गडकरी ने कहा कि उनके बेटे ने 450 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलनी थी। उसने कहा कि हमने टैक्स की रकम जमा कर दी है। अब हमें यह कब मिलेगा?’ मैंने कहा कि भगवान से प्रार्थना करो, क्योंकि इसकी कोई गारंटी नहीं है।
‘उद्योग बंद होने की कगार पर’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लड़की बहन योजना की शुरुआत के साथ, इस योजना के लिए भी सब्सिडी राशि आवंटित की जानी थी…इसलिए अन्य चीजें लटकी हुई हैं। नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि लड़की बहन योजना पर उनकी टिप्पणी एमएसएमई उद्योगों को उनकी सब्सिडी नहीं मिलने के बारे में थी। उद्योग बंद होने के कगार पर है।
सरकार विषकन्या की तरह’
समारोह में उद्योगों से आत्मनिर्भर बनने का आग्रह करते हुए मंत्री ने कहा, ‘सरकार पर निर्भर मत रहिए। सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी हो, सरकार विषकन्या के समान होती है। अगर आप सरकार पर बहुत अधिक निर्भर रहेंगे, तो आप बर्बाद हो जाएंगे।
रोना रो रहे कारोबारी’
गडकरी ने बताया कि कपड़ा उद्योग के हितधारकों ने मुझसे संपर्क किया क्योंकि बिजली सब्सिडी के अभाव में उनकी इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। रोजाना लोग मुझसे विभिन्न सब्सिडी न मिलने का रोना रोते हुए संपर्क करते हैं।

मुफ्तखोरी के खिलाफ नितिन गडकरी
यह पहला मामला नहीं है जब गडकरी ने मुफ्तखोरी के खिलाफ परोक्ष आलोचना की है। हालांकि, इससे विपक्ष को महायुति सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है।

सुप्रिया सुले ने कसा तंज
एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि गडकरी जैसे वरिष्ठ बीजेपी नेता ने राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की है, जो दर्शाता है कि महाराष्ट्र में पार्टी के पदाधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए। विपक्ष ने जब इसी मुद्दे को उठाया, तो उन्होंने उसकी अनदेखी की। कम से कम अपने वरिष्ठ की सलाह तो मानिए। जब वित्त मंत्रालय लड़की बहन जैसी योजनाओं पर अत्यधिक खर्च के खिलाफ चेतावनी दे रहा है, तो राज्य मंत्रिमंडल करदाताओं के पैसे को अनावश्यक रूप से बर्बाद कर रहा है।

संजय राउत ने साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, ‘लड़की बहन योजना मूल रूप से शिंदे सरकार के लिए वोट खरीदने की योजना है। सत्तारूढ़ शासन राज्य में महिलाओं के लिए कोई चिंता नहीं दिखाता है। इस योजना के लिए धन को विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं और पहलों से हटा दिया जा रहा है। लड़की बहन के फंड के वितरण में भी, तीनों गठबंधन सहयोगी श्रेय लेने की होड़ में हैं। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हजारों लाभार्थियों को अपने नाम से एक पत्र भेजा है, लेकिन मुख्यमंत्री शब्द को छोड़ दिया है, जबकि योजना का नाम मुख्यमंत्री के नाम पर है।

5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीड़न: सांईश्री एकेडमी के बाहर अभिभावकों का जमकर प्रदर्शन, स्कूल किया सील:

80 फीट रोड स्थित सांईश्री एकेडमी स्कूल में 5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीडन का मामला सामने आने के बाद सोमवार को स्कूल खुलते ही अभिभावकों का आक्रोश भड़क गया। आक्रोशित परिजन ने स्कूल संचालक राकेश देसाई, प्रिंसिपल श्वेता विंचुरकर सहित जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही के कारण ये घटना घटी है। स्कूल के बाहर करीब 2 घंटे तक जाम के साथ अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। आक्रोश को भांपते हुए मौके पर प्रशासन की और से अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एएसपी राकेश खाखा को भी पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने मौके पर सांईश्री एकेडमी स्कूल को सील कर दिया। प्रशासन ने सांईश्री स्कूल प्रबंधन के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं हैरान कर देने वाली बात है की पूरे मामले में अब तक स्कूल की और राकेश देसाई या किसी का कोई बयान नहीं आया है। आपको बता दे मासूम बच्ची के साथ घटिया हरकत करने वाला चौकीदार का बेटा है एवम् आरोपी भी नाबालिग है।

रतलाम एसडीएम अनिल भान ने बताया: “आक्रोशित लोग स्कूल के स्टाफ और प्रबंधन के विरुद्ध भी कार्रवाई चाहते हैं. इस मामले में जिनकी भी लापरवाही और जिम्मेदारी सामने आएगी, उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” एडिशनल एसपी राकेश खाखा ने कहा “पुलिस ने पास्को एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की. इसके अलावा जो भी तथ्य और प्रबंधन के लापरवाही सामने आएगी, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

एफआईआर के बाद परिजनों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन ने घटना की निंदा तक नहीं की। ना ही स्कूल की और से कोई आधिकारिक बयान दिया गया। सोमवार को नाराज अभिभावक जब प्रबंधन से घटना सहित अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग को लेकर चर्चा करने पहुंचे, तब प्रबंधन का बर्ताव गैर जिम्मेदाराना था। जिसके बाद अभिभावकों ने सड़क पर बैठ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर रतलाम शहर एसडीएम अनिल भाना, सीएसपी अभिनव बारंगे, दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रवीन्द्र दंडोतिया, औद्योगिक थाना प्रभारी वीडी जोशी, सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पुलिस का बल मौके पर पहुंचा।

ई खबर मीडिया के लिए लोकेंद्र तंवर की रिपोर्ट 

सेहतनामा- आलिया भट्ट को 6 घंटे तक यूरिन रोकनी पड़ी:पेशाब रोकने से बढ़ता यूटीआई, किडनी स्टोन्स का रिस्क, बता रहे यूरोलॉजिस्ट

बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के दूसरे सीजन में अपनी फिल्म ‘जिगरा’ के प्रमोशन के लिए आई थीं। वहां उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले पेरिस फैशन वीक में उन्हें 6 घंटे तक यूरिन रोककर रखनी पड़ी। असल में उन्होंने इस दौरान एक साड़ी पहनी थी, जो 23 फीट लंबी थी। इसे पहनकर वह वॉशरूम नहीं जा सकती थीं।

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई 6 घंटे तक यूरिन रोककर रखता है तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं? क्या इससे सेहत को कोई नुकसान हो सकता है?

आमतौर पर डॉक्टर्स लगभग हर तीन घंटे में एक बार यूरिन रिलीज करने की सलाह देते हैं, लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं कि यूरिन रोककर रखना हमारी मजबूरी हो जाती है। नेताओं, एथलीट्स और कॉन्सर्ट में लाइव परफॉर्मेंस देने वाले एक्टर्स और सिंगर्स को अक्सर कई घंटों के लिए य़ूरिन रोककर रखना पड़ता है।

हमारे देश में यह एक गंभीर समस्या है। पुरुष तो राह चलते गाड़ी रोककर कहीं भी यूरिन पास कर लेते हैं, जबकि महिलाओं को कई बार अपने ही घर में यूरिन रोककर रखना पड़ता है। अगर घर पर मेहमान आए हैं और वॉशरूम का रास्ता उनके सामने से होकर जाता है तो महिलाएं संकोच के कारण कई घंटे तक वॉशरूम इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। यह संकोच उनका खुद का बनाया नहीं है, अगर वो इस बीच वॉशरूम चली जाएं तो निर्लज्जता का टैग मुफ्त में मिल जाएगा। यह बात सिर्फ गप्प नहीं है, मैंने खुद अपने घर में मम्मी और दीदी के बीच इस संकोच को देखा है। इसके कारण उन्हें यूटीआई इन्फेक्शन और किडनी स्टोन्स की समस्याएं भी हुईं।

इसलिए आज ‘सेहतनामा’ में आपको बताएंगे कि कोई कितनी देर तक यूरिन रोक सकता है। साथ ही जानेंगे कि-

क्या उम्र के साथ यूरिनरी ब्लैडर का आकार बदलता है?
ज्यादा देर तक यूरिन रोकने के क्या खतरे हैं?
क्या ज्यादा देर यूरिन रोकने से मौत हो सकती है?
स्वस्थ रहने के लिए कितनी देर में यूरिन पास करना जरूरी है

ज्यादातर लोग हर 24 घंटे में 6-7 बार यूरिन पास करते हैं। अगर कोई व्यक्ति दिन में 4 से 10 बार यूरिन पास कर रहा है और उसकी जिंदगी इससे प्रभावित नहीं हो रही है तो इसे हेल्दी माना जा सकता है। डॉक्टर एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को लगभग हर 3 घंटे में एक बार यूरिन पास करने की सलाह देते हैं। यह फ्रीक्वेंसी उम्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है क्योंकि उम्र के हिसाब से यूरिनरी ब्लैडर का आकार भी बदलता है। यह इस पर भी निर्भर करता है कि कोई दिन भर में कितनी मात्रा में लिक्विड कंज्यूम कर रहा है।
इसका मतलब है कि एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति ब्लैडर में 300-400 मिलीलीटर लिक्विड स्टोर कर सकता है। जरूरत पड़ने पर इसका आकार बढ़ भी जाता है, लेकिन उसके कारण दर्द, असुविधा और इन्फेक्शन का सामना करना पड़ता है।

आमतौर पर जब हमारा ब्लैडर आधे से थोड़ा अधिक भर जाता है तो यह हमें यूरिन रिलीज करने के लिए इशारा करने लगता है। यह नेचुरल कॉल है। इसलिए हम जितनी बार ब्लैडर के इस इशारे को इग्नोर करते हैं, खुद को उतना ही समस्याओं के नजदीक ले जाते हैं।

ज्यादा देर तक यूरिन रोककर रखने से क्या समस्याएं हो सकती हैं

आमतौर पर अगर एक स्वस्थ व्यक्ति कभी-कभार कुछ घंटों के लिए यूरिन को रोक रहा है तो इससे कोई समस्या नहीं होती है।
अगर पहले से यूरिनरी ट्रैक्ट, ब्लैडर या किडनी में कोई शिकायत है तो समस्या बढ़ सकती है।
अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति अक्सर यूरिन रोककर रखता है तो उसे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
दर्द और असहजता होती है

अगर कोई नियमित रूप से या अक्सर पेशाब करने की इच्छा को देर तक नजरअंदाज करता रहता है तो उसे यूरिनरी ब्लैडर या किडनी में दर्द हो सकता है। अजीब असहजता वाली स्थिति बन सकती है। यूरिन रिलीज करने में भी दर्द हो सकता है। इसके बाद भी कई बार मसल्स में सिकुड़न रह जाती है, जिससे पेल्विक एरिया में ऐंठन हो सकती है।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो सकता है

कई बार बहुत देर तक पेशाब रोककर रखने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट में इन्फेक्शन (UTI) हो सकता है।

यही कारण है कि डॉक्टर लंबे समय तक पेशाब रोकने से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है। उन लोगों को इसका खतरा और अधिक होता हैै, जिन्हें पहले कभी यूटीआई की समस्या हुई है।

अगर कोई पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य लिक्विड्स नहीं पी रहा है तो उसे भी यूटीआई विकसित होने की संभावना अधिक होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लिक्विड्स के बिना पेशाब करने की इच्छा नहीं पैदा होगी। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट में बैक्टीरिया फैल सकते हैं और संक्रमण हो सकता है।
यूरिनरी ब्लैडर में खिंचाव हो सकता है

अगर कोई शख्स नियमित रूप से कई दिन तक बार-बार पेशाब रोक रहा है तो यूरिनरी ब्लैडर में खिंचाव हो सकता है। इससे ब्लैडर की प्राकृतिक रूप से विस्तार करने और सिकुड़ने की क्षमता कमजोर हो जाएगी, जिसके चलते यूरिन रिलीज करने में समस्या होगी या कई बार यह असंभव भी हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति का ब्लैडर खिंचाव आने से बहुत फैल गया है तो उसे आराम देने के लिए कैथेटर यानी कृत्रिम पेशाब नली (यूरिन पाइप) की जरूरत हो सकती है।

पेल्विक मसल्स डैमेज हो सकती हैं

बार-बार पेशाब रोकने से पेल्विक क्षेत्र की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है। इनमें से कुछ मसल्स का काम है यूरिन को रोककर रखना। अगर यह डैमेज होती हैं तो यूरिन थोड़ी देर रोककर रख पाना मुश्किल हो जाएगा।

कीगल्स एक्सरसाइज करके पेल्विक फ्लोर की इन मसल्स को मजबूत किया जा सकता है।
इससे मसल्स को हुए इस नुकसान की मरम्मत करने में मदद मिल सकती है।
किडनी स्टोन हो सकते हैं

नियमित रूप से ज्यादा देर तक यूरिन को रोकने से उन लोगों को किडनी स्टोन्स हो सकते हैं, जिन्हें कभी स्टोन्स रहे हैं या जिनके यूरिन में मिनरल्स की मात्रा अधिक है। यूरिन में अक्सर यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्जेलेट जैसे मिनरल्स होते हैं।

क्या ज्यादा देर तक यूरिन रोकने से मौत हो सकती है

आमतौर पर यूरिन रोकने से मृत्यु की आशंका न के बराबर होती है, लेकिन इससे कारण हुए इन्फेक्शन को नहीं रोका गया तो ये मौत का कारण बन सकते हैं।
अगर कोई बहुत लंबे समय तक पेशाब रोककर रखता है तो क्षमता पार होने पर शरीर खुद ही ब्लैडर से अपना कंट्रोल खत्म कर देता है। इससे न चाहते हुए भी यूरिन पास हो जाता है।
कुछ रेयर मामलों में ऐसा भी हो सकता है कि ज्यादा देर तक यूरिन रोककर रखने के कारण ब्लैडर पर दबाव बढ़े और यह फट जाए। ऐसी कंडीशन में तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है। यह घातक स्थिति होती है।
इसलिए समय पर पानी पीना जितना जरूरी है, यूरिन को भी समय पर रिलीज करना उतना ही जरूरी है।

बढ़ते अपराध को लेकर एक्शन में इंदौर पुलिस, यौन अपराधों में शामिल लोगों का बना रही डेटाबेस, नवरात्रि के लिए स्पेशल प्लान

इंदौर: शहर की ग्रामीण पुलिस महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक्शन में आ गई है। पुलिस ने पिछले 10 वर्षों के सभी यौन अपराध अपराधियों, विशेष रूप से पीडोफाइल का डेटाबेस बना रही है और उनके दरवाजे खटखटा रही है।

सभी पर रखी जा रही नजर

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पहले ही 11,259 ऐसे लोगों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार कर लिया है, जिनमें पीछा करने और अश्लील टिप्पणियां करने के दोषी लोग भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी पर नजर रखी जा रही है।
तैयार किया पूरा डेटाबेस

इस डेटाबेस में, चाहे वे पहली बार अपराधी हों या बार-बार अपराधी हों, प्रत्येक पूर्व दोषी के बारे में व्यापक जानकारी शामिल है, जैसे कि उनके स्थायी और वर्तमान पते, सहयोगी, व्यवसाय, कार्यस्थल, पारिवारिक पृष्ठभूमि, आपराधिक इतिहास और जमानत से संबंधित डिटेल।
क्या बोली इंदौर पुलिस

इंदौर (ग्रामीण) एसपी हितिका वासल ने कहा, ‘हम सक्रिय रूप से इन व्यक्तियों पर नज़र रख रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए निवारक उपाय कर रहे हैं। हम बार-बार अपराध करने वालों की जमानत रद्द करने के लिए भी काम कर रहे हैं। अकेले पिछले दो दिनों में, ग्रामीण पुलिस ने लगभग 1,200 अपराधियों के रिकॉर्ड संकलित किए हैं और उनमें से लगभग 900 के खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई है।’
नवरात्रि के लिए विशेष तैयारी

पुलिस ने बड़े नवरात्रि पंडालों के बाहर पुलिस तैनात करने की योजना बनाई है। एसपी ने कहा, ‘यह अभ्यास महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए है, खासकर नवरात्रि और अन्य त्योहारों से पहले।’

पुलिस इन पूर्व दोषियों के घर जा रही है और उन्हें स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दे रही है कि उन पर निगरानी रखी जा रही है। यह स्वीकार करते हुए कि कई यौन अपराध परिवार के सदस्यों या करीबी परिचितों द्वारा किए जाते हैं, पुलिस ने ऐसे परिवारों को संवेदनशील तरीके से संभालने के लिए एक रणनीति विकसित की है।

कहीं आपका घी मिलावटी तो नहीं:एक्सपर्ट से जानें कैसे करें शुद्ध घी की जांच, खरीदते हुए बरतें ये 8 सावधानियां

आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के लड्डू विवाद से कौन वाकिफ नहीं है। मंदिर के तिरुपति लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल किए जाने वाले घी के सैंपल टेस्ट में फॉरेन फैट (जानवरों की चर्बी) होने का पता चला, जिसमें लार्ड (सुअर की चर्बी), टैलो (बीफ) और मछली का तेल, साथ ही नारियल, अलसी, रेपसीड और कॉटन सीड शामिल हैं। ये जानकारी प्रसाद के स्वाद में बदलाव की शिकायतों के बाद सामने आई, जिससे घी की शुद्धता को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

हर किसी के मन में घी की शुद्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं हम भी तो मिलावटी घी का सेवन नहीं कर रहे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम आपको घर बैठे शुद्ध घी की पहचान करने के तरीकों के बारे में बताएंगे। साथ ही जानेंगे-

घर पर शुद्ध घी कैसे बना सकते हैं?
घी आपके स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है?
घी में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं?
सवाल- घर पर मिलावटी घी की पहचान कैसे करें? जवाब- घी की क्वालिटी के बारे में चिंताएं बढ़ने के साथ यह जानना जरूरी है कि घर पर घी की शुद्धता कैसे परखी जाए। यहां हम आपको कुछ साधारण तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आप ये जांच सकते हैं कि आपका घी असली है या नकली।

सुगंध से टेस्ट करें शुद्ध घी में एक अलग, अखरोट जैसी सुगंध होती है, जो गर्म करने पर और भी बढ़ जाती है। आर्टिफिशियल या मिलावटी घी में अक्सर यह सुगंध नहीं होती, जो उसके मिलावटी होने का संकेत है।

कलर के जरिए टेस्ट असली गाय का घी हल्का सुनहरा व पीला होता है। इसमें आर्टिफिशियल कलर नहीं होना चाहिए। अगर घी असामान्य रूप से चमकीला दिखाई देता है या उसमें नेचुरल कलर नहीं है तो यह अशुद्ध हो सकता है।

घी की बनावट को ध्यान से देखें शुद्ध घी चिकना और मलाईदार होता है। रेफ्रिजरेट करने पर यह थोड़ा जम जाता है, लेकिन गर्म करने पर आसानी से पिघल जाता है। चिपचिपा घी मिलावट का संकेत देता है।

गर्म करके क्लैरिटी चेक करें क्लैरिटी की जांच करने के लिए एक पैन में थोड़ा सा घी गरम करें। शुद्ध घी साफ और तलछट से मुक्त रहता है। अगर कुछ गंदगी नीचे जम जाती है तो घी में मिलावट होने की संभावना है।

जलाकर टेस्ट करें एक चम्मच घी को गर्म तवे पर डालें। शुद्ध घी बिना किसी अवशेष के जल्दी पिघलकर धुएं में उड़ जाता है। अशुद्ध घी बदबू छोड़ सकता है या नीचे गंदगी छोड़ सकता है।

रेफ्रिजरेशन टेस्ट शुद्ध घी रेफ्रिजरेट करने पर जम जाता है, लेकिन नॉर्मल तापमान में रखने पर पिघल जाता है। अगर यह रेफ्रिजरेट करने पर भी तरल रहता है तो यह घी नकली और मिलावटी है।

पानी से चेक करें इसके लिए सबसे पहले एक गिलास पानी लें। फिर थोड़ा सा घी उसमें डाल दें। अगर घी पानी में तैरने लगे तो वह शुद्ध है और अगर घी पानी के अंदर डूब जाए तो यह मिलावटी है।

इसके अलावा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने भी घी की शुद्धता को परखने के दो उपाय बताए हैं। नीचे ग्राफिक में इस बारे में समझिए।
सवाल- भारत में घी और मक्खन की खपत कितनी है? जवाब- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में घी और मक्खन की प्रति व्यक्ति खपत 2007 में 2.7 किग्रा प्रति वर्ष (7.4 ग्राम प्रति व्यक्ति/प्रति दिन) थी, जो वर्ष 2020 में बढ़कर 4.48 किग्रा प्रति वर्ष (12.3 ग्राम प्रति व्यक्ति/प्रति दिन) हो गई।

सवाल- घी में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं? जवाब- घी में मुख्य रूप से 99.5% फैट और 0.5% से कम मॉइस्चर होता है। इसके अलावा घी में विटामिन A, विटामिन D, विटामिन E, विटामिन K और फॉस्फोलिपिड होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम और ओमेगा 3 जैसे खनिज भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कुल मिलाकर ये आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। इसका उपयोग पूजा-पाठ में भी किया जाता है।
सवाल- घी और बटर में क्या अंतर है? जवाब- घी और बटर एक जैसे होते हैं, लेकिन उन्हें बनाने के तरीके में अंतर होता है। दोनों को बनाने की प्रक्रिया भी एक जैसी ही होती है, लेकिन घी को बटर से थोड़ा अधिक पकाते हैं, जिससे ये अधि​क स्वादिष्ट और पौष्टिक हो जाता है। साथ ही इसका रंग भी गहरा हो जाता है।

सवाल- क्या घी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है? जवाब- घी विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट का एक रिच सोर्स है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि फैट का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, लेकिन स्टडीज से पता चलता है कि घी जैसे फैटी फूड खाने से शरीर को कुछ आवश्यक विटामिन और खनिज मिलते हैं। घी के साथ हेल्दी फूड्स और सब्जियां पकाने से अधिक पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि इसका अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक भी साबित हाे सकता है। नीचे ग्राफिक में देखिए घी आपके स्वास्थ्य के लिए कैसे लाभदायक है।
घर पर घी बनाने का आसान तरीका मार्केट में मिलावटी घी के आने के बाद से ज्यादातर लोग इसे खरीदने में डर रहे हैं। अगर आप घी खाने के शौकीन हैं तो यहां हम आपको घर में घी बनाने का आसान तरीका बता रहे हैं। नीचे ग्राफिक के जरिए आप पूरी प्रक्रिया के बारे में समझ सकते हैं।

सवाल- घी का सेवन कितनी मात्रा में करें? जवाब- आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति रोजाना एक या दो चम्मच घी का सेवन कर सकता है। 2 साल से ऊपर का बच्चा भी एक या दो चम्मच घी डेली खा सकता है। ध्यान रहे कि बिना मेहनत किए ज्यादा घी पचाना आसान नहीं होता है। इसलिए घी खाने वाले व्यक्ति मेहनत करने पर भी ध्यान दें।

सो रहे थे, तभी डूबने लगा पूरा गांव, घर छोड़कर भागे लोग’, दरभंगा में कोसी के कहर की आपबीती

दरभंगा: रात में सो रहे थे। तभी बिस्तर पर पानी आ गया। आंख खुला तो देखा पूरे घर में पानी भरा हुआ था। रात 1 बजे का समय था। बाहर निकलकर देखा तो पूरे गांव में पानी भर रहा था। बाढ़ आते देखा सभी लोग अपनी जान बचाकर गांव से भाग आए। सभी बांध पर आकर बैठे हुए हैं। लेकिन अभी तक न भोजन मिला है और न ही प्लास्टिक मिली है। यहां बारिश हो रही है। घरों में अभी 15 फीट पानी भरा होगा.. ये दर्द केवल राजेश का नहीं, बल्कि दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड के भूभौल गांव के लोगों का है।
कोसी तटबंध टूटने से क्षेत्र में भयावह स्थिति
किरतपुर प्रखंड के भूभौल गांव में पश्चिमी कोसी तटबंध टूटने से क्षेत्र में भयावह स्थिति बनी हुई है। बाढ़ पीड़ितों में हाहाकार मचा हुआ है। वे जान बचाने के लिए घर व सामान की चिंता किए बिना ऊंचे स्थान पर चले गए थे। बांध टूटने के काफी देर बाद बाढ़ग्रस्त इलाके में पहुंची NDRF और SDRF की टीम ने बाढ़ के पानी के बीच घरों की छत पर फंसे लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।
बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचेन शुरू
वहीं जिला प्रशासन को तरफ से सामुदायिक किचेन की शुरुआत की गई है। ने बताया कि भूभौल में कोसी नदी के तटबंध टूटने से किरतपुर प्रखंड के आठ पंचायतों में बाढ़ के पानी से ज्यादा क्षति हुई है। बीते दिन राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ हवाई सर्वेक्षण किया गया। इसके बाद इलाके में बाढ़ पीड़ितों को देने के लिए फूड पैकेट की तैयारी की जा रही है। आज बाढ़ पीड़ितों को NDRF, SDRF और एयर ड्रॉपिंग करके फूड पैकेट दिए जाएंगे।
बाढ़ में घर का सभी समान बह गया: बाढ़ पीड़ित फूलो देवी
इलाके की बाढ़ पीड़ित फूलो देवी ने कहा कि घर में चावल दाल सहित सभी सामान छोड़कर बाल-बच्चों के साथ बगल के घर की छत पर शरण लिए हुए थे। बाढ़ में घर का सभी समान बह गया। वही चतरा चौक पर शरण लिए पीड़ितों ने बताया कि ऐसी बाढ़ कहीं नहीं देखी थी। नाव नहीं मिलने पर सिर पर पेटी व कपड़े लेकर बांध पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन की ओर से बारिश से बचाव व राहत की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के बाद मंगलवार को लोग मिलने वाली सरकारी मदद को निराहार रहे हैं। बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं। शुद्ध पेयजल भी नहीं है, जो उनके सूखे गले को तर कर सके। परिवार की महिलाएं बच्चों के साथ धूप और बारिश के बीच सरकारी राहत की बाट जोह रहीं।
पानी में फंसे लोगों का रेस्क्यू कर रहीं एनडीआरएफ की दो टीमें: डीएम
इस सम्बंध में डीएम राजीव रौशन ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाके का उन्होंने एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के साथ हवाई सर्वेक्षण किया है। बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए इलाके में NDRF की दो टीमों को लगाया गया है, जो लगातार पानी के बीच फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू कर रही है।

गोविंदा के पैर में गोली लगी:खुद से मिस फायरिंग हुई, हॉस्पिटल से ऑडियो मैसेज में एक्टर बोले- गोली निकाल दी गई

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा (60) पैर में गोली लगने से घायल हो गए हैं। उन्हें खुद की पिस्टल से चली गोली लगी। घटना मंगलवार सुबह करीब 4.45 बजे की है। ऑपरेशन कर उनके पैर से गोली निकाल ली गई है। एक्टर फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

गोविंदा खतरे से बाहर
जानकारी के मुताबिक, गोली लगने से उनके पैर से काफी खून बह गया था। इलाज के लिए अंधेरी के क्रिटी केयर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। हॉस्पिटल से जुड़े सुत्रों के अनुसार, शुरुआती इलाज के बाद अब गोविंदा खतरे से बाहर हैं। उनकी पत्नी सुनीता फिलहाल अस्पताल में उनके साथ मौजूद हैं।

एक प्रोग्राम में शामिल होने कोलकाता रवाना होने वाले थे
गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने बताया है कि वे एक प्रोग्राम के लिए कोलकाता जा रहे थे। 6 बजे की फ्लाइट थी। अलमारी में पिस्टल रखते हुए मिस फायरिंग हो गई और उनके घुटने के नीचे गोली लग गई। उन्हें तुरंत अंधेरी के अस्पताल ले जाया गया। गोली निकाल ली गई है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। घबराने की कोई बात नहीं है।
कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1, राजा बाबू, छोटे सरकार, हद कर दी आपने जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे गोविंदा बीते 5 सालों से फिल्मों से दूर हैं। उनकी आखिरी रिलीज फिल्म 2019 की रंगीला राजा है।
गोविंदा 28 मार्च को शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए थे। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद थे। पार्टी जॉइन करने के बाद गोविंदा ने कहा था- मैं 2004 से 2009 तक राजनीति में था। ये संयोग है कि 14 साल बाद मैं फिर से राजनीति में आया हूं। मुझ पर जो विश्वास किया गया है, मैं उसे पूरी तरह से निभाऊंगा।

गोविंदा ने 2004 में कांग्रेस के टिकट पर मुंबई नॉर्थ से लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने भाजपा के राम नाइक को 48,271 वोटों से हराया था। एक्टर 2004 से 2009 तक सांसद रहे थे।
अपनी फिल्मों से अक्सर सबको हंसाने वाले गोविंदा ने रियल लाइफ में बेहद ट्रैजिक समय भी देखा है।साल 2014 में दिए एक इंटरव्यू में एक्टर ने बताया था कि उन्होंने अपने परिवार में 11 मेंबर्स की डेथ देखी है। गोविंदा के अनुसार वो दौर उनकी लाइफ का सबसे चैलेंजिंग और इमोशनली तोड़ देने वाला समय था।
गोविंदा का फिल्मी करियर इस समय ढलान पर है। उनकी पिछली फिल्म ‘रंगीला राजा’ 2019 में आई थी जो कि फ्लॉप रही। इसके बाद गोविंदा के पास कोई फिल्म नहीं है। कभी पहली फिल्म हिट होने के बाद गोविंदा ने एक साथ 49 फिल्में साइन कर ली थीं।

पीएम आवास योजना 2.0 में जोड़े गए हैं नये पैरामीटर, राज्यों का शेयर जरूरी किया गया, किराये पर घर की योजना भी शामिल

नई दिल्ली: पीएम आवास योजना 2.0 में कुछ नये पैरामीटर जोड़े गए हैं, जिनका फायदा लाभार्थी को होगा। कुछ समय पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी देते हुए तीन करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा, जिसमें एक करोड़ घर शहरी और 2 करोड़ ग्रामीण इलाकों में बनाए जाएंगे। पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 में 10 लाख करोड़ के निवेश से एक करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए मकान बनाए जाएंगे, इसमें अगले 5 वर्षों में 2.30 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता भी होगी। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि इस बार राज्यों की हिस्सेदारी जरूरी बनाई गई है और रेंटल (किराये पर घर) हाउसिंग भी जोड़ी गई है। पिछली बार के अनुभवों के आधार पर जरूरी बदलाव किए गए हैं।
योजना में राज्यों की हिस्सेदारी जरूरी
दरअसल पीएम आवास योजना 1.0 में कई राज्य अपने हिस्से का पैसा नहीं देते थे, जिसके कारण लाभार्थी पर ज्यादा बोझ पड़ता था। इस स्थिति को देखते हुए इस बार योजना में राज्यों की हिस्सेदारी जरूरी बनाई गई है ताकि लाभार्थी को केंद्र के साथ-साथ राज्यों की ओर से भी मदद मिले। इसके साथ ही दिल्ली में काम करने के लिए आने वालों की परेशानी को देखते हुए रेंटल हाउसिंग भी इस योजना मे जोड़ी गई है। पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप में घर बनाए जाएंगे और उन घरों को किराये पर दिया जा सकता है।
योजना के लिए राशि भी बढ़ाई गई
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के लिए राशि भी बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल देशभर के 20 शहरों में करीब 978 किलोमीटर मेट्रो रेल सेवा जारी है और अनेक शहरों में करीब 985 किलोमीटर मेट्रो रेल का कार्य निर्माणाधीन है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बनाने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभी चीन के बाद दूसरे नंबर पर अमेरिका है, जिसका मेट्रो नेटवर्क 1350 किमी का है और अगले दो से तीन वर्षो में भारत दूसरे नंबर पर हो जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना
शहरी 1.0 के तहत 118.64 लाख आवासों को मंजूरी दी गई, जिनमें से 115.23 लाख आवासों का निर्माण किया गया और 86.77 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा मकान महिलाओं के नाम पर हैं। पीएम आवास योजना 1.0 को दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया है। जियो- टैगिंग से मॉनिटर किया जा रहा है।
राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन को मंजूरी दे दी गई है और कैबिनेट नोट के लिए भेजा गया है। आम नागरिक यह देख सकेगा कि कौन सी योजना का क्या स्तर है? इसके साथ ही ई कचरा सर्विस भी होगी और ऑनलाइन कंप्लेंट मिलने पर कचरे को उठाया जाएगा। कम्यूनिटी हॉल की बुकिंग भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होगी।
अर्बन प्लानिंग रिफॉर्म्स पर खास फोकस
आवास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि नई योजनाओं के साथ- साथ अब अर्बन प्लानिंग रिफॉर्म्स पर खास फोकस किया गया है। एक हजार से ज्यादा अर्बन प्लानर की नियुक्ति होगी। साथ ही राज्यों को प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन को कैसे बढ़ाया जाए, इस बारे में भी गाइड किया गया है। इसके नतीजे भी सामने आए हैं, जहां 2021-22 में 30818 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन था, वहीं 2022-23 में शङरों में 36662 करोड़ का टैक्स कलेक्शन हुआ।
शहरी विकास
औद्योगिक कामगारों के लिए पीपीपी मोड में डोरमेट्री जैसे आवास वाले किराए के मकानों की सुविधा प्रदान की जाएगी। बजट में शहरों को विकास का केंद्र बनाने पर भी फोकस किया गया है। केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर “विकास केंद्रों के रूप में शहरों” को विकसित करने की योजना पर काम करेगी। वहीं 30 लाख से अधिक आबादी वाले 14 बड़े शहरों के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी। स्मार्ट सिटी के मिशन पर सरकार पहले से ही काम कर रही है और अब बड़े शहरों के आसपास के क्षेत्रों को भी सुव्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा। जल आपूर्ति और स्‍वच्‍छता के बारे में बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों तथा बहुपक्षीय विकास बैंकों की साझेदारी में भरोसेमंद परियोजनाओं के माध्यम से 100 बड़े शहरों के लिए जल आपूर्ति, सीवेज उपचार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की योजनाओं को बढ़ावा देगी। इन योजनाओं के माध्‍यम से मिलने वाले जल का इस्‍तेमाल सिंचाई तथा आस-पास के क्षेत्रों में तालाबों को भरने के लिए किया जाएगा।

भारत ने बांग्लादेश का किया सूपड़ा साफ, कानपुर टेस्ट 7 विकेट के विशाल अंतर से जीता

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Bangladesh vs India LIVE: भारत-बांग्लादेश के बीच ग्रीन पार्क में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच को टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीत लिया। यह जीत किसी करिश्माई जीत से कम नहीं रही, क्योंकि मैच के शुरुआती तीन दिन खराब रोशनी और बारिश के चलते प्रभावित रहे।

रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 2-0 से मात दी। दूसरे टेस्ट की दोनों पारियों में भारत की तरफ से यशस्वी जायसवाल ने अर्धशतक जड़े। भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने टेस्ट सीरीज में कुल 11 विकेट चटकाए।

दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश की टीम ने पहली पारी में 233 रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने 285/9 पर पारी घोषित कर दी। फिर दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने बांग्लादेश को 146 रन पर समेट दिया। इसके जवाब में 95 रन के लक्ष्य का टीम इंडिया ने आसानी से पीछा कर लिया। भारत ने कानपुर टेस्ट में 7 विकेट से जीत दर्ज की।