Saturday, March 21, 2026
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13 साल के ‘बिहारी बाबू’ ने ऑस्ट्रेलिया की उड़ाई धज्जियां, 58 गेंदों में शतक ठोक बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्ली: बिहार के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 यूथ टेस्ट मैच में धमाल मचा दिया है। ओपनर बल्लेबाज सूर्यवंशी ने सिर्फ 58 गेंद में शतक ठोककर रिकॉर्ड बना दिया। सूर्यवंशी यूथ टेस्ट में भारत की तरफ से सबसे तेज शतक लगाने का कारनामा किया है। बाएं हाथ के बल्लेबाज सूर्यवंशी खेल के पहले दिन 47 गेंद में तेजतर्रार 81 रन पर नाबाद वापस लौटे थे। दूसरे दिन क्रीज पर आते ही सूर्यवंशी ने एक बार फिर से आतिशी पारी खेलकर अपना शतक पूरा कर लिया।

हालांकि, वैभव सिर्फ दो गेंद से मोइन अली के रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए। यूथ टेस्ट मैच में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के मोइन अली के नाम है। मोइन अली ने सा 2005 में इंग्लैंड के लिए खेलते हुए यूथ टेस्ट में सिर्फ 56 गेंद में शतक ठोका था, लेकिन एक मामले में वैभव मोइन से आगे निकल गए। दरअसल वैभव यूथ टेस्ट में सबस कम उम्र में शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। वैभव ने 13 साल 188 दिन में यह रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
वैभव सूर्यवंशी पहली बार तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने बिहार के लिए सिर्फ 12 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले वैभव अपनी तूफानी बैटिंग के लिए जाने जाते हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार दमदार खेल दिखाने वाले वैभव को भारत के यूथ टीम में चुना गया और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से कमाल कर दिया।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले वैभव ने विहान मल्होत्रा के साथ मिलकर एमए चिदंबरम स्टेडियम में टीम इंडिया को तूफानी शुरुआत दिलाई थी। खेल के पहले दिन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर बिना कोई विकेट गंवाए 103 रन बनाए थे। इस में वैभव ने 81 रनों का योगदान दिया था जबकि विहान ने 37 गेंद में 21 बनाए थे।

कानपुर टेस्ट के पांचवे दिन बांग्लादेश की दूसरी पारी 146 रनों पर सिमट गई है। ऐसे में भारत को इस मैच को जीतने के लिए 95 रन का टारगेट मिला है।

नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच कानपुर में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच (India vs Bangladesh) के पांचवे दिन टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया। भारतीय गेंदबाजों (Indian Bowlers) ने बांग्लादेश की टीम को दूसरी पारी में 146 रनों पर समेट दिया। जिसके चलते पहली पारी में 52 रन की बढ़त हासिल करने वाली टीम इंडिया (Team India) को अब मैच और सीरीज को अपने नाम करने के लिए 95 रनों का लक्ष्य मिला है।

अश्विन और जडेजा की शानदार बॉलिंग

भारत की तरफ से आर अश्विन (Ravichandran Ashwin), रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) और जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने 3-3 विकेट झटके। जबकि आकाशदीप (Akash Deep) की झोली में भी एक विकेट आया। खेल के आखिरी दिन 62 ओवर शेष है। ऐसे में टीम इंडिया इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकती है।

शुरुआती तीन दिन चढ़े थे बारिश की भेंट

ग्रीन पार्क स्टेडियम (Green Park Stadium) में खेले जा रहे इस मैच में बारिश के चलते शुरुआती तीन दिनों में सिर्फ 35 ओवर ही डाले जा सके थे। पहले दिन सिर्फ 35 ओवर का ही खेल हो सका था जबकि दूसरे और तीसरे दिन तो एक भी गेंद फेंकी नहीं जा सकी थी, जिससे फैंस निराश थे। हालांकि, चौथे दिन के खेल में भारत ने बॉलिंग और बैटिंग में कमाल का प्रदर्शन किया था।

मां को सैल्यूट, पैर छुआ.. नए एयर चीफ अमर जीत सिंह ने कुछ यूं संभाला काम

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का बेहद खास वीडियो सामने आया है। इसमें वायुसेना प्रमुख अपनी मां को सैल्यूट करते हुए और पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए नजर आ रहे हैं। ये खास तस्वीरें उस समय सामने आईं जब वायुसेना प्रमुख बुधवार सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने देशवासियों के सामने खास मिसाल पेश की। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अपनी मां पुष्पंत कौर का आशीर्वाद लेते नजर आए।
अमर प्रीत सिंह का दिल छू लेने वाला वीडियो
इंडियन एयरफोर्स के नए चीफ का पदभार संभालने के बाद अमर प्रीत सिंह ने जिस तरह से अपनी मां का सम्मान किया, वो पल बेहद दिल छू लेने वाला था। वीडियो में नजर आ रहा कि उनकी मां व्हीलचेयर पर बैठी थीं। इसी दौरान वायुसेना प्रमुख एपी सिंह नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे। यहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसी दौरान उन्होंने अपनी मां को सबसे पहले सैल्यूट किया फिर उनके पैर छुए। उन्हें बेहद प्यार से गले लगाया।
पहले किया सैल्यूट फिर मां के छुए पैर
मां के प्रति जिस तरह से भारतीय वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने प्यार और सम्मान जताया, वो हर किसी के लिए मिसाल है। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने सोमवार को वायुसेना चीफ का कार्यभार संभाला है। उन्होंने वीआर चौधरी की जगह ली है। एयर चीफ एपी सिंह को 5 हजार घंटे से ज्यादा समय तक विमान उड़ाने का अनुभव है और वह लड़ाकू विमान के बेहद ट्रेंड पायलट हैं। एयर चीफ मार्शल सिंह अपने पिछले कार्यभार में वायु सेना के उपप्रमुख के रूप में कार्यरत थे।
वीआर चौधरी की जगह संभाली वायुसेना प्रमुख की जिम्मेदारी
एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी तीन साल तक वायु सेना की कमान संभालने के बाद रिटायर हुए। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का जन्म 27 अक्टूबर 1964 को हुआ था। उन्होंने दिसंबर 1984 में भारतीय वायु सेना में लड़ाकू विमान पायलट के तौर पर कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने लगभग 40 वर्षों की अपनी लंबी सेवा में विभिन्न कमान, स्टाफ, निर्देशात्मक और विदेशी नियुक्तियों में काम किया।

सरकार रहेगी या जाएगी प्रशांत किशोर ने मोदी सरकार पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

नई दिल्ली: चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मोदी सरकार पर बड़ा बयान दिया है। प्रशांत किशोर का कहना है कि पीएम मोदी और एनडीए सरकार की लोकप्रियता कम हुई है। इतना ही नहीं उन्होंने एनडीए सरकार के भविष्य को लेकर कहा कि बहुत कुछ आने वाले राज्यों के चुनाव पर निर्भर होगा। प्रशांत किशोर का कहना है कि बीजेपी के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगले दो से ढाई साल में 9 राज्यों के चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों के रिजल्ट से आगे की दिशा-दशा तय होगी। उन्होंने कहा कि मोदी और सरकार की लोकप्रियता कम हुई है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा के बाद महाराष्ट्र, झारखंड के चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों के चुनाव के बाद दिल्ली, तमिलनाडु, बिहार, बंगाल और असम के चुनाव ढाई साल के अंदर होंगे।
यदि बीजेपी इन राज्यों में अच्छा प्रदर्शन करती है तो उनकी ताकत बनी रहेगी लेकिन नतीजे फेवर में नहीं आए तो इसका असर पड़ेगा। बिहार में बीजेपी को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि वहां उनकी कोई बात नहीं कर रहा। उनके पास न कोई चेहरा है और न कोई प्रयास है। बीजेपी ने अपना नेतृत्व नीतीश कुमार के हवाले कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी की मजबूरी है कि वह उनको मुख्यमंत्री पद से हटा नहीं सकती और बीजेपी का कार्यकर्ता मान रहा है कि नीतीश के नाम पर बिहार में चुनाव जीत नहीं सकते। प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी को दिल्ली में सरकार चलानी है इसलिए वो नीतीश कुमार को हटा नहीं सकते। बीजेपी की हालत ऐसी है कि न वह बाएं जा सकते हैं न दाएं जा सकते हैं।
राष्ट्रीय और बिहार की राजनीति में बीजेपी की मौजूदा स्थिति को डिकोड करते हुए प्रशांत किशोर ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर भी बड़ा दावा किया। किशोर ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है, साथ ही उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने पिछले 2 वर्षों में बहुत मेहनत की है।

पाकिस्तान बोला- भारतीय सिख रूपए नहीं, अमेरिकी डॉलर लाएं:भारतीयों से हो रही धोखाधड़ी के चलते फैसला, नवंबर में पाकिस्तान जाएंगे हजारों सिख श्रद्धालु

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने करतारपुर साहिब आने वाले भारतीय सिखों से रूपए की जगह अमेरिकी डॉलर लाने के लिए कहा है। इस फैसले के पीछे भारतीय नागरिकों के साथ हो रही धोखाधड़ी को वजह बताया गया है।

दरअसल भारतीयों को इंडियन करेंसी नोट के बदले तय कीमत से कम कीमत के पाकिस्तानी करेंसी नोट दिए जा रहे थे। पाकिस्तान की पंजाब सरकार में मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने बताया कि, भारतीय सिखों को उनके पैसों के बदले, तय कीमत से कम के करेंसी नोट मिलने की शिकायतें सामने आई हैं।

शिकायतों के चलते ये फैसला लिया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय सिखों को यहां की सुविधाओं के लिए अतिरिक्त कीमत चुकाने की जरूरत नहीं है।

इस साल 14 नवंबर को सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देवजी की 555वीं जन्म जयंती के अवसर पर हजारों सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहिब जा सकते हैं। पिछले साल लगभग 3 हजार सिख श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर करतारपुर साहिब का दौरा किया था।
गुरुनानक ने जीवन के आखिरी दिन यही बिताए करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पास स्थित है। इसका इतिहास 500 साल से भी ज्यादा पुराना है। माना जाता है कि 1522 में सिखों के गुरु नानक देव ने इसकी स्थापना की थी। उन्होंने अपने जीवन के आखिरी साल यहीं बिताए थे और यही पर अपनी देह त्यागी थी। इसलिए, यह शहर सिखों के लिए विशेष महत्व रखता है।
सिखों का प्रमुख धार्मिक स्थल है करतारपुर करतारपुर कॉरिडोर 9 नवंबर 2019 को खोला गया था। भारत की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के तरफ से तत्कालीन पीएम इमरान खान ने इसका उद्घाटन किया था। यह पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक मंदिर को पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है।

4 किलोमीटर का गलियारा भारतीय तीर्थ-यात्रियों को बिना वीजा के गुरुद्वारा दरबार साहिब में प्रवेश करने की अनुमति देता है। इससे पहले लोगों को वीजा लेकर लाहौर के रास्ते वहां जाना पड़ता था, जो कि एक लंबा रास्ता था। फिलहाल यहां जाने की फीस 20 डॉलर है, जिसे पाकिस्तान सरकार वसूलती है।

Bhopal: 32,22,250 रुपए का जुर्माना, तीन साल जेल… SBI के पूर्व अधिकारी को 19 साल बाद CBI कोर्ट से सजा

भोपाल: सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 19 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में सजा सुनाई है। एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी, उनके परिवार के पांच सदस्यों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को यह सख्त सजा हुई है। जज अरविंद कुमार शर्मा ने भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व सहायक महाप्रबंधक जितेंद्र प्रताप सिंह को तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 32,22,250 रुपए का जुर्माना लगाया।
जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने की और होगी जेल

वहीं, अगर वह जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें तीन महीने और जेल में बितानी होगी। राशि वसूलने के लिए उनकी संपत्तियां बेचीं जाएंगी। उनकी पत्नी किरण सिंह, बेटियां अन्वेषा, गरिमा और नम्रता सिंह, दामाद समीर सिंह और एक सीए को एक-एक साल की कैद है। साथ ही 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

2005 में हुई थी शिकायत

इन सभी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धारा 109 (अपराध के लिए उकसाना) के तहत दोषी ठहराया गया था। यह शिकायत जितेंद्र के खिलाफ 2005 में दर्ज की गई थी। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की भोपाल स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जितेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

आय से अधिक संपत्ति का मामला निकला

जांच के दौरान सिंह के आवास से ‘चल-अचल संपत्तियों, सोने-चांदी के आभूषणों और कई बैंक खातों के दस्तावेज’ मिले थे। केंद्रीय एजेंसी ने 2007 में एक चार्जशीट दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जितेंद्र ने 1 जनवरी, 1999 और 2 अप्रैल, 2005 के बीच लगभग 37,13,113 रुपये की संपत्ति अर्जित की थी। अदालत ने कहा कि ये संपत्तियां बैंक अधिकारी, उनकी पत्नी और बेटियों के नाम पर एसबीआई की विभिन्न शाखाओं में फर्जी खातों के माध्यम से जमा की गई थीं।

94 गवाह पेश हुए

ट्रायल के दौरान, अभियोजन पक्ष ने 94 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष ने 15 गवाह पेश किए। विशेष अदालत ने यह निर्धारित किया कि जितेंद्र ने 32,22,253 रुपए से अधिक की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की थी, जो ‘इस अवधि के दौरान उनकी वैध आय से काफी अधिक थी’। अदालत ने जितेंद्र को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2), धारा 13(1)(ई) के साथ पढ़ी जाने पर, का उल्लंघन करने का दोषी पाया।

फेल स्टूडेंट के रोल नंबर पर बनवा ली फर्जी 10th की मार्कशीट, बुरी फंसी मुरैना की मेयर शारदा सोलंकी, 420 का लगा केस

मुरैना: कांग्रेस के टिकट पर मुरैना की महापौर बनीं शारदा सोलंकी को दल बदल कर भाजपा में जाने के बावजूद भी राहत नहीं मिल रही। उन पर दसवीं की फर्जी मार्कशीट लगाने के आरोप में मुरैना जिला न्यायलय के जेएमएफसी न्यायालय द्वारा मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

महापौर शारदा सोलंकी और उनके वकील संजय मिश्रा ने इस तरह के किसी भी फैसले की जानकारी नहीं होने की बात कही है। दरअसल, नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी रहीं मीना मुकेश जाटव ने महापौर शारदा सोलंकी की अंकसूची और उनके जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए कोर्ट में याचिका लगाई थी।

जाति प्रमाण पत्र पर भी उठे थे सवाल

याचिकाकर्ता कोर्ट में यह साबित नहीं कर पाए कि महापौर शारदा सोलंकी उत्तर प्रदेश की निवासी हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। इसलिए कोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ लगी याचिका को 9 मई 2024 को खारिज कर दिया था, लेकिन 10वीं की अंकसूची मामले में महापौर फंस चुकी हैं।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि कांग्रेस से महापौर का चुनाव जीतीं शारदा सोलंकी लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो चुकी हैं। सूत्रों ने बताया कि जिस रोल नंबर की मार्कशीट उनकी है, वह किसी लड़के की है, जो परीक्षा में ही नहीं बैठा। महापौर शारदा सोलंकी ने साल 1986 में पिनाहट के सर्वोदय विद्या मंदिर स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास होना बताया था। उनका रोल नंबर 1009025 है।

स्कूल से मांगा गया रिकॉर्ड

पिनाहट के इस स्कूल से पूरा रिकार्ड मांगा तो स्कूल प्रबंधन ने बताया कि उनके स्कूल में साल 1986 में शारदा पुत्री वासुदेव का दाखिला ही नहीं हुआ है। मार्कशीट पर जो रोल नंबर 1009025 है, वह नरोत्तम पुत्र भानजीत नाम के छात्र का है।

इसके बाद याचिकाकर्ता मीना मुकेश जाटव ने उप्र के इलाहाबाद माध्यमिक बोर्ड से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी ली। इसमें बताया गया है कि 1009025 रोल नंबर नरोत्तम पुत्र भानजीत का है। वह उस समय परीक्षा से गैर हाजिर रहा और सभी विषयों में फेल हो गया।

पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर फिर हड़ताल पर:कहा- सुरक्षा की मांग पर ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव नहीं, हम पर अब भी हमले जारी

पश्चिम बंगाल में आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को एक बार फिर हड़ताल कर दी है। राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूरी तरह काम बंद कर दिया है। डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें पूरी तरह सुरक्षा दी जाए।

डॉक्टर स्वास्थ्य सचिव को उनके पद से हटाने जैसी कई मांगों को लेकर बुधवार को कॉलेज स्क्वायर से धर्मतला तक एक मार्च भी निकालेंगे।

इससे पहले जूनियर डॉक्टर 10 अगस्त से लेकर 42 दिन तक विरोध प्रदर्शन करते रहे। 21 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी पर वापस आए थे।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों की सुरक्षा में कोताही पर ममता सरकार की खिंचाई की और आदेश दिया कि सभी अस्पतालों में 15 दिन में सीसीटीवी लगाए जाएं।

9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर से रेप मर्डर के विरोध में हड़ताल कर रहे थे।
जूनियर डॉक्टर बोले- ममता ने मीटिंग में किए वादों पर काम नहीं किया विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर में से एक अनिकेत महतो ने हड़ताल का ऐलान करते हुए कहा- सुरक्षा की हमारी मांगों को पूरा करने के लिए ममता सरकार का रवैया पॉजिटिव नहीं लग रहा है। आज 52वां दिन है। हम पर अभी भी हमले हो रहे हैं। CM ममता के वादों को पूरा करने का कोई प्रयास होता नहीं दिख रहा है। हमारे पास आज से पूरी तरह काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। जब तक हम राज्य सरकार की तरफ से कार्रवाई नहीं देखते, तब तक काम बंद रहेगा।

क्यों शुरू की दोबारा हड़ताल दरअसल, कोलकाता के सागोर दत्ता हॉस्पिटल में 27 सितंबर को एक मरीज की मौत के बाद 3 डॉक्टरों और 3 नर्सों से पिटाई का मामला सामने आया था। इसी घटना से जूनियर डॉक्टर्स नाराज हैं। डॉक्टर्स ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया। इस मामले में 4 प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है। डॉक्टर्स की मांग है कि उन्हें अस्पतालों में सुरक्षा मुहैया कराई जाई, ताकि वे बिना डर के ड्यूटी कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट में कहा था- सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाएं जारी

सुप्रीम कोर्ट में 30 सितंबर की सुनवाई में बंगाल सरकार ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर्स इन पेशेंट डिपार्टमेंट और आउट पेशेंट डिपार्टमेंट में काम नहीं कर रहे हैं। इसके जवाब में डॉक्टर्स के वकील ने कहा कि सभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं में डॉक्टर काम कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। इस दिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नेशनल टास्क फोर्स की जांच पर रिपोर्ट पेश करनी होगी।
ममता-डॉक्टरों की मीटिंग को लेकर 7 दिन टकराव चला था डॉक्टरों और ममता की मीटिंग को लेकर कोलकाता में 7 दिन तक टकराव चला था। 4 कोशिशें नाकाम होने के बाद 16 सितंबर को ममता और डॉक्टरों के डेलिगेशन की CM हाउस में बैठक हुई। इस बैठक में ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मानी थीं और कहा था कि काम पर वापस लौटें।

डॉक्टरों की मांग पर बंगाल सरकार ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटा दिया था। उनकी जगह मनोज वर्मा ने पद संभाला। स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा 5 और पुलिस अधिकारियों के पद भी बदले गए।

19 सितंबर को डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया था। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हमारी मांग पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर को हटाया गया है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आंदोलन खत्म हो गया है। हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने और अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की हमारी मांग अभी भी जारी है।

अक्टूबर में 6 बदलाव, कॉमर्शियल सिलेंडर 48 रुपए महंगा:पैन कार्ड और सुकन्या समृद्धि योजना के नियम बदले; फ्लाइट टिकट सस्ती हो सकती है

आज यानी 1 अक्टूबर 2024 से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 48 रुपए महंगा हो गया है। दिल्ली में अब ये 1740 रुपए का मिलेगा। वहीं, PPF और सुकन्या अकाउंट से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ है। पैन कार्ड बनवाने से जुड़े नियम भी बदले गए हैं।

इसके अलावा एविएशन फ्यूल के दाम घटने से हवाई सफर सस्ता हो सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को 6,099 रुपए प्रति किलोलीटर (1000 लीटर) तक घटा दिया है।

अक्टूबर महीने में होने वाले 6 बदलाव…

1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा: 48 रुपए दाम बढ़े, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव नहीं आज से 19 किलो वाला कॉमर्शियल सिलेंडर 48.50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 48.50 रुपए बढ़कर ₹1740 हो गईं। पहले ये ₹1691.50 में मिल रहा था। कोलकाता में यह 48 रुपए बढ़कर ₹1850.50 में मिल रहा है, पहले इसके दाम ₹1802.50 थे।

मुंबई में सिलेंडर 1644 रुपए से 48.50 रुपए बढ़कर 1692.50 रुपए का हो गया है। चेन्नई में सिलेंडर 1903 रुपए का मिल रहा है। हालांकि, 14.2 KG वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में यह ₹803 और मुंबई में ₹802.50 का मिल रहा है।
2. ATF 4,567.76 रुपए तक सस्ता: हवाई सफर सस्ता हो सकता है ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महानगरों में एयर ट्रैफिक फ्यूल (ATF) की कीमतों को घटाया है। इससे हवाई सफर सस्ता हो सकता है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में ATF 5883 रुपए सस्ता होकर 87,597.22 रुपए प्रति किलोलीटर (1000 लीटर) हो गया है। वहीं, कोलकाता में ATF 5,687.64 रुपए सस्ता होकर 90,610.80 रुपए प्रति किलोलीटर हो गया है।

मुंबई में ATF 87,432.78 रुपए प्रति किलोलीटर मिल रहा था, ये अब 5,566.65 रुपए सस्ता होकर 81,866.13 में मिलेगा। चेन्नई में ATF के दाम 6,099.89 रुपए घटे हैं। ये अब 90,964.43 रुपए प्रति किलोलीटर में मिल रहा है।

3. PPF अकाउंट के नियमों में बदलाव: नाबालिगों को अलग ब्याज आज से PPF अकाउंट से जुड़े नियमों में बदलाव हो गया है। नए नियमों के अनुसार यदि कोई PPF खाता नाबालिग के नाम पर है तो 18 साल का होने तक पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दर लागू होगी। खाताधारक के 18 साल का होने के बाद ही खाते पर PPF की मौजूदा ब्याज दर लागू होगी। खाते के मैच्योरिटी पीरियड का कैलकुलेशन उसी तारीख से किया जाएगा।

वहीं, अगर किसी के पास एक से ज्यादा PPF खाते हैं तो एक बेसिक मेन खाते पर ब्याज दर का पेमेंट होगा। अगर मेन खाते में तय निवेश सीमा (1.5 लाख) से कम अमाउंट है तो दूसरे खाते की राशि पहले में मर्ज कर दी जाएगी। इस मर्जर के बाद आपको कुल रकम पर PPF की ब्याज दर के अनुसार ब्याज दिया जाएगा। हालांकि, दोनों अकाउंट की कुल रकम मिलाकर 1.5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होगा चाहिए।
4. सुकन्या समृद्धि योजना खाता सिर्फ कानूनी अभिभावक ही अकाउंट खोल सकेंगे केंद्र सरकार द्वारा खासतौर पर बेटियों के लिए संचालित सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत अब से बेटियों के सिर्फ कानूनी अभिभावक ही उनके नाम पर ये अकाउंट खोल सकेंगे और चला सकेंगे।

अगर किसी लड़की का सुकन्या अकाउंट ऐसे व्यक्ति के द्वारा खोला गया है, जो उसके लीगल पेरेंट्स (कानूनी अभिभावक) नहीं है तो उसे ये खाता लीगल पेरेंट्स को ट्रांसफर करना होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में उस अकाउंट को बंद किया जा सकता है।
5. पैन के लिए नियम बदले: आधार नामांकन आईडी का नहीं कर सकेंगे उपयोग अब से इनकम टैक्स भरने या पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार नंबर की जगह आधार नामांकन आईडी का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इस बदलाव का उद्देश्य पैन नंबर के दुरुपयोग को रोकना है। इसके साथ ही इससे किसी व्यक्ति के एक से ज्यादा पैन कार्ड बनाने पर भी लगाम लगेगी।

6. ट्रांजैक्शन फीस घटी: स्लैब स्ट्रक्चर में NSE और BSE ने बदलाव किया NSE और BSE ने कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेड के लिए लगने वाली ट्रांजैक्शन फीस में बदलाव किया है। NSE में कैश मार्केट के लिए अब ट्रांजैक्शन फीस 2.97 रुपए/लाख ट्रेडेड वैल्यू होगी। वहीं, इक्विटी फ्यूचर्स में ट्रांजैक्शन फीस 1.73 रुपए/लाख ट्रेडेड वैल्यू होगी।

जबकि, ऑप्शंस में 35.03 रुपए/लाख प्रीमियम वैल्यू होगी। करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में NSE ने फ्यूचर्स के लिए ट्रांजैक्शन फीस 0.35 रुपए/लाख ट्रेडेट वैल्यू रखी है। करेंसी ऑप्शंस और इंटरेस्ट रेट ऑप्शंस में यह फीस 31.1 रुपए/लाख प्रीमियम वैल्यू होगी।
पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव नहीं: दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए लीटर

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज यानी 1 अक्टूबर को भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए लीटर है तो डीजल 87.62 रुपए लीटर के हिसाब से बिक रहा है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपए और डीजल 89.97 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

क्रेडिट कार्ड पर धड़ल्ले से लोन ले रहे लोग, बड़ी जरूरत के लिए पर्सनल लोन सबसे आगे

लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोन लेते हैं। यह किसी भी प्रकार का लोन हो सकता है। इसमें होम लोन, पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, क्रेडिट कार्ड लोन आदि शामिल हैं
नई दिल्ली: घर और पर्सनल जरूरत को पूरा करने के लिए काफी भारतीय लोन लेते हैं। वहीं नए मकान के लिए भी काफी लोग भारी-भरकम लोन लेते हैं। इन दिनों क्रेडिट कार्ड से भी लोन लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। CRIF के आंकड़ों के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा लोन मकान के लिए लिया जाता है। इसके बाद लोग पर्सनल लोन लेते हैं। आंकड़ों के मुताबिक एक्टिव लोन के मामले में पर्सनल लोन लेने वालों की संख्या ज्यादा है।
छोटी चीजों के लिए ‘बड़ा’ लोन
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय छोटी चीजों के लिए ‘बड़ा’ ले रहे हैं। इनमें मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, होम एप्लाइंस आदि शामिल हैं। इन्हें खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल काफी किया जा रहा है। इस वजह से क्रेडिट कार्ड से लोन लेने वालों की संख्या में भी तेजी आ रही है। बता दें कि क्रेडिट कार्ड से लोन की रकम न चुका पाने पर भारी ब्याज देना होता है। ऐसे में यह छोटा दिखने वाला यह लोन बड़ा बन सकता है।
यही नहीं, ये चीजें सेलर की ओर से लोन पर भी मिल जाती हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार के क्रेडिट कार्ड की जरूरत नहीं होती। ऐसे कस्टमर की संख्या भी काफी बढ़ रही है जो मोबाइल, होम एप्लाइंस जैसे टीवी, फ्रिज आदि के लिए कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन ले रहे हैं।
होम लोन की वैल्यू सबसे ज्यादा
लार्ज वैल्यू के हिसाब से होम लोन लेने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह कुल आउटस्टैंडिग वैल्यू का करीब 40 फीसदी है। वहीं 4 फीसदी एक्टिव लोन है। एक्टिव लोन के मामले में पर्सनल लोन सबसे आगे है। आउटस्टैंडिग वैल्यू में पर्सनल लोन की हिस्सेदारी 14.9 फीसदी है, लेकिन एक्टिव लोन वॉल्यूम का 22.7 फीसदी है।

गोल्ड लोन पर भी हिस्सेदारी बढ़ी
लोन लेने के मामले में गोल्ड लोन भी पीछे नहीं है। कुल लोन में गोल्ड लोन की वैल्यू 10.6 फीसदी है। वहीं इसका एक्टिव लोन वॉल्यूम 14.2 फीसदी है। पिछले कुछ समय में गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या में काफ देती आई है। साथ ही गोल्ड लोन सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है। इस लोन का तेजी से बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है कि इसके लिए किसी भी सिबिल स्कोर आदि की जरूरत नहीं पड़ती। गोल्ड लोन बहुत आसानी से मिल जाता है।