Monday, March 23, 2026
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भारत दौरे पर आए जमैका के पीएम की सुरक्षा में चूक, संसद के गेट पर रोका गया

भारत दौरे पर आए जमैका के पीएम एंड्रयू होलनेस को सिक्योरिटी एजेंसियों ने संसद के एंट्री गेट पर रोक दिया. दो दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.

भारत दौरे पर आए जमैका के पीएम एंड्रयू होलनेस की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक उन्हें भारत के पार्लियामेंट जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. सिक्योरिटी एजेंसियों के कंफ्यूजन की वजह से उन्हें संसद के गेट पर रोक दिया गया, जिस वजह से उनके पूरे काफिले को विजय चौक के दो चक्कर काटने पड़े.

जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के भारत दौरे को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, “इस यात्रा से आर्थिक सहयोग बढ़ाने और जमैका और भारत के बीच दीर्घकालिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है.”

वाराणसी की गंगा आरती में हुए थे शामिल

इससे पहले बुधवार (2 अक्टूबर 2024) को जमैका के पीएम वाराणसी पहुंचे. यहां उन्होंने बुद्ध स्थली सारनाथ का दर्शन किया और पुरातात्विक धरोहर को भी देखा. उन्होंने धमेख स्तूप को भी देखा और उस पर बनी कलाकृतियों के बारे में भी जानकारी जुटाई. यहां से उनका काफिला सरनाथ के लिए निकाला था. उनके वाराणसी आगमन को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे. सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसबलों को तैनात किया गया था, जो हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे.

वाराणसी दौरे पर जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने बुधवार शाम को वहां की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुए. उन्होंने नमो घाट से अलकनंदा क्रूज से चले और दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पूरी आरती देखी.

जमैका के पीएम ने भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी को एक खास तस्वीर भी भेंट की. उन्होंने पीएम मोदी को 1999 में जमैका स्थित मोंटेगो बे, की यात्रा की एक तस्वीर दी. यह तस्वीर जमैका आयोजित जी-15 बैठक के लिए तत्कालीन पीएम अलट बिहारी वाजपेयी की यात्रा के दौरान की थी. इसमें पीएम जमैका में भारत के प्रवासी सदस्यों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं.

भारत दौरे पर आए जमैका के पीएम की सुरक्षा में चूक, संसद के गेट पर रोका गया

भारत दौरे पर आए जमैका के पीएम एंड्रयू होलनेस को सिक्योरिटी एजेंसियों ने संसद के एंट्री गेट पर रोक दिया. दो दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.

भारत दौरे पर आए जमैका के पीएम एंड्रयू होलनेस की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक उन्हें भारत के पार्लियामेंट जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. सिक्योरिटी एजेंसियों के कंफ्यूजन की वजह से उन्हें संसद के गेट पर रोक दिया गया, जिस वजह से उनके पूरे काफिले को विजय चौक के दो चक्कर काटने पड़े.

जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के भारत दौरे को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, “इस यात्रा से आर्थिक सहयोग बढ़ाने और जमैका और भारत के बीच दीर्घकालिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है.”

वाराणसी की गंगा आरती में हुए थे शामिल

इससे पहले बुधवार (2 अक्टूबर 2024) को जमैका के पीएम वाराणसी पहुंचे. यहां उन्होंने बुद्ध स्थली सारनाथ का दर्शन किया और पुरातात्विक धरोहर को भी देखा. उन्होंने धमेख स्तूप को भी देखा और उस पर बनी कलाकृतियों के बारे में भी जानकारी जुटाई. यहां से उनका काफिला सरनाथ के लिए निकाला था. उनके वाराणसी आगमन को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे. सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसबलों को तैनात किया गया था, जो हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे.

वाराणसी दौरे पर जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने बुधवार शाम को वहां की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल हुए. उन्होंने नमो घाट से अलकनंदा क्रूज से चले और दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पूरी आरती देखी.

जमैका के पीएम ने भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी को एक खास तस्वीर भी भेंट की. उन्होंने पीएम मोदी को 1999 में जमैका स्थित मोंटेगो बे, की यात्रा की एक तस्वीर दी. यह तस्वीर जमैका आयोजित जी-15 बैठक के लिए तत्कालीन पीएम अलट बिहारी वाजपेयी की यात्रा के दौरान की थी. इसमें पीएम जमैका में भारत के प्रवासी सदस्यों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं.

पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन के सामने आई बड़ी मुश्किल, ED ने इस मामले में भेजा समन

पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को आज ED ने समन भेजा है। यह समन एक मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में भेजा गया है।
भारतीय पूर्व किक्रेटर व कांग्रेस नेता मोहम्मद अज़हरुदीन के सामने एक बड़ी मुश्किल आन पड़ी है। ED ने मोहम्मद अज़हरुदीन को समन भेजा है।
ये समन आज गुरुवार को हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन(HCA) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भेजा गया है।
बता दें कि अजहरुद्दीन पहले हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनपर अपने कार्यकाल के दौरान फंड के दुरुपयोग का आरोप लगा है।
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला
मोहम्मद अज़हरुदीन को जारी किया गया यह पहला समन है, जिसके तहत उन्हें केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश होना है। जानकारी के मुताबिक, यह मामला हैदराबाद के उप्पल में राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम के लिए डीजल जनरेटर, फायर ब्रिगेड सिस्टम और कैनोपी के खरीद के लिए अलॉट किए गए 20 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़ा हुआ है। इसी मामले में ईडी जांच कर रही है और अज़हरुदीन को आज पूछताछ के लिए बुलाया है।

पिछले साल की थी छापेमारी
जानकारी दे दें कि पिछले साल केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में तेलंगाना के 9 जगहों पर छापेमारी की थी, इसमें एचसीए के पूर्व पदाधिकारियों गद्दाम विनोद, शिवलाल यादव और अरशद आयूब के घर भी शामिल थे। इस छापेमारी में ईडी के हाथ कई जरूर डाक्यूमेंट लगे थे।

जानकारी के मुताबिक, ईडी की जांच हैदराबाद की एसीबी द्वारा दर्ज की गई तीन एफआईआर पर बेस्ड है, जिसमें खरीद प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं, कार्यों में देरी और एचसीए को हुए नुकसान का जिक्र है। चार्जशीट में यह भी बताया गया कि एससीए के पदाधिकारियों ने निजी पार्टियों के साथ मिलकर बढ़ी हुई दरों पर टेंडर दिए, काम पूरा हुए बिना अग्रिम भुगतान किया। साथ ही बड़े मूल्य के नकद लेनदेन में भी लगे रहे।

शेयर बाजार में कोहराम! 1200 अंक गिरकर खुला सेंसेक्स, दिख रही जबरदस्त बिकवाली

ईरान-इजराइल संघर्ष और सेबी के नये नियमों पर आज बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। निवेशक जबरदस्त बिकवाली करते दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। सेबी के नये नियम और मिडिल ईस्ट में संघर्ष का सीधा असर आज बाजार पर देखने को मिला है। निवेशक भारी बिकवाली करते दिखाई दे रहे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 1264 अंक गिरकर 83,002.09 पर खुला है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी शुरुआती कारोबार में 1.03 फीसदी या 266 अंक की गिरावट के साथ 25,530 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी के 50 शेयरों में से 44 शेयर लाल निशान पर और 6 शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। वहीं, सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 3 शेयर हरे निशान पर और 27 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। हालांकि, धीरे-धीरे यह गिरावट कम हुई और सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर सेंसेक्स 0.65 फीसदी या 550 अंक टूटकर 83,717 पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
निफ्टी के शेयरों का हाल
निफ्टी पैक के शेयरों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक गिरावट आयशर मोटर्स में 3.12 फीसदी, बजाज-ऑटो में 2.61 फीसदी, टाटा मोटर्स में 2.56 फीसदी, बीपीसीएल में 2.55 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.37 फीसदी देखने को मिली। इससे इतर जेएसडबल्यू स्टील में 1.91 फीसदी, ओएनजीसी में 1.47 फीसदी, हिंडाल्को में 0.66 फीसदी, ट्रेंट लिमिटेड में 0.07 फीसदी और सनफार्मा में 0.04 फीसदी की तेजी दिखी।

रियल्टी और ऑटो शेयर लुढ़के
सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो सबसे अधिक गिरावट निफ्टी रियल्टी में 1.60 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 1.53 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 1.13 फीसदी और निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 1.04 फीसदी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी बैंक में 0.97 फीसदी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.03 फीसदी, निफ्टी आईटी में 0.66 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 0.45 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.34 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.87 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.83 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.56 फीसदी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.69 फीसदी की गिरावट दिखी। इस तरह शुरुआती कारोबार में सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे।
निफ्टी के शेयरों का हाल
निफ्टी पैक के शेयरों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक गिरावट आयशर मोटर्स में 3.12 फीसदी, बजाज-ऑटो में 2.61 फीसदी, टाटा मोटर्स में 2.56 फीसदी, बीपीसीएल में 2.55 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.37 फीसदी देखने को मिली। इससे इतर जेएसडबल्यू स्टील में 1.91 फीसदी, ओएनजीसी में 1.47 फीसदी, हिंडाल्को में 0.66 फीसदी, ट्रेंट लिमिटेड में 0.07 फीसदी और सनफार्मा में 0.04 फीसदी की तेजी दिखी।

शेयर बाजार में कोहराम! 1200 अंक गिरकर खुला सेंसेक्स, दिख रही जबरदस्त बिकवाली

ईरान-इजराइल संघर्ष और सेबी के नये नियमों पर आज बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। निवेशक जबरदस्त बिकवाली करते दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। सेबी के नये नियम और मिडिल ईस्ट में संघर्ष का सीधा असर आज बाजार पर देखने को मिला है। निवेशक भारी बिकवाली करते दिखाई दे रहे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 1264 अंक गिरकर 83,002.09 पर खुला है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी शुरुआती कारोबार में 1.03 फीसदी या 266 अंक की गिरावट के साथ 25,530 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी के 50 शेयरों में से 44 शेयर लाल निशान पर और 6 शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। वहीं, सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 3 शेयर हरे निशान पर और 27 शेयर लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे। हालांकि, धीरे-धीरे यह गिरावट कम हुई और सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर सेंसेक्स 0.65 फीसदी या 550 अंक टूटकर 83,717 पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
निफ्टी के शेयरों का हाल
निफ्टी पैक के शेयरों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक गिरावट आयशर मोटर्स में 3.12 फीसदी, बजाज-ऑटो में 2.61 फीसदी, टाटा मोटर्स में 2.56 फीसदी, बीपीसीएल में 2.55 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.37 फीसदी देखने को मिली। इससे इतर जेएसडबल्यू स्टील में 1.91 फीसदी, ओएनजीसी में 1.47 फीसदी, हिंडाल्को में 0.66 फीसदी, ट्रेंट लिमिटेड में 0.07 फीसदी और सनफार्मा में 0.04 फीसदी की तेजी दिखी।

रियल्टी और ऑटो शेयर लुढ़के
सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो सबसे अधिक गिरावट निफ्टी रियल्टी में 1.60 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 1.53 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 1.13 फीसदी और निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 1.04 फीसदी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी बैंक में 0.97 फीसदी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.03 फीसदी, निफ्टी आईटी में 0.66 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 0.45 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.34 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.87 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.83 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.56 फीसदी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.69 फीसदी की गिरावट दिखी। इस तरह शुरुआती कारोबार में सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे।
निफ्टी के शेयरों का हाल
निफ्टी पैक के शेयरों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक गिरावट आयशर मोटर्स में 3.12 फीसदी, बजाज-ऑटो में 2.61 फीसदी, टाटा मोटर्स में 2.56 फीसदी, बीपीसीएल में 2.55 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.37 फीसदी देखने को मिली। इससे इतर जेएसडबल्यू स्टील में 1.91 फीसदी, ओएनजीसी में 1.47 फीसदी, हिंडाल्को में 0.66 फीसदी, ट्रेंट लिमिटेड में 0.07 फीसदी और सनफार्मा में 0.04 फीसदी की तेजी दिखी।

सक्षमता पास 589 शिक्षकों पर लटकी तलवार! जांच के लिए बनी कमेटी, क्या है मामला?

बिहार के गोपालगंज में सक्षमता पास 589 शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है. इन सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्र पर विभाग को शक है. ऐसे में गोपालगंज के डीईओ योगेश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला स्तर पर पुन: प्रमाणपत्रों की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया है. इस संबंध में डीईओ की ओर से पत्र जारी किया गया है. आज गुरुवार (03 अक्टूबर) से 17 अक्टूबर तक प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी. अगर प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की पुष्टि हो गई तो इन शिक्षकों पर कार्रवाई हो सकती है.

जिला स्तर पर त्रि-सदस्यीय समिति का गठन

डीईओ की ओर से कहा गया है कि सत्यापन के दौरान सक्षमता पास कुछ शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को संदिग्ध पाया गया है. यह सत्यापन एक अगस्त से 13 सितंबर के बीच डीआरसीसी बसडीला में किया गया था. अब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर जिला स्तर पर एक संयुक्त त्रि-सदस्यीय समिति का गठन किया गया है.

विभागीय और कानूनी स्तर पर होगी कार्रवाई

समिति में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) जमालुद्दीन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) ब्रजेश कुमार पाल और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रा. शि. एवं सर्व शि.) राजन कुमार शामिल हैं. इनका कार्य शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की गहन जांच करना होगा. जांच में प्रमाणपत्र में गड़बड़ी पाई जाएगी तो विभागीय स्तर पर और कानूनी स्तर पर कार्रवाई भी होगी.

प्रभारी लिपिक को डीईओ ने दिया ये निर्देश

डीईओ योगेश कुमार ने प्रभारी लिपिक प्रीतम कुमार को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय पर जांच स्थल पर उपस्थित होकर प्रतिदिन का जांच प्रतिवेदन संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं. जांच का कार्य समय अनुसार संपन्न न होने की स्थिति में कार्यालय इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा. बता दें कि कई जिलों में गलत प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक पकड़े गए हैं. विभाग लगातार इस ओर कार्रवाई कर रहा है.

सक्षमता पास 589 शिक्षकों पर लटकी तलवार! जांच के लिए बनी कमेटी, क्या है मामला?

बिहार के गोपालगंज में सक्षमता पास 589 शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है. इन सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्र पर विभाग को शक है. ऐसे में गोपालगंज के डीईओ योगेश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला स्तर पर पुन: प्रमाणपत्रों की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया है. इस संबंध में डीईओ की ओर से पत्र जारी किया गया है. आज गुरुवार (03 अक्टूबर) से 17 अक्टूबर तक प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी. अगर प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की पुष्टि हो गई तो इन शिक्षकों पर कार्रवाई हो सकती है.

जिला स्तर पर त्रि-सदस्यीय समिति का गठन

डीईओ की ओर से कहा गया है कि सत्यापन के दौरान सक्षमता पास कुछ शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को संदिग्ध पाया गया है. यह सत्यापन एक अगस्त से 13 सितंबर के बीच डीआरसीसी बसडीला में किया गया था. अब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर जिला स्तर पर एक संयुक्त त्रि-सदस्यीय समिति का गठन किया गया है.

विभागीय और कानूनी स्तर पर होगी कार्रवाई

समिति में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) जमालुद्दीन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) ब्रजेश कुमार पाल और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रा. शि. एवं सर्व शि.) राजन कुमार शामिल हैं. इनका कार्य शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की गहन जांच करना होगा. जांच में प्रमाणपत्र में गड़बड़ी पाई जाएगी तो विभागीय स्तर पर और कानूनी स्तर पर कार्रवाई भी होगी.

प्रभारी लिपिक को डीईओ ने दिया ये निर्देश

डीईओ योगेश कुमार ने प्रभारी लिपिक प्रीतम कुमार को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय पर जांच स्थल पर उपस्थित होकर प्रतिदिन का जांच प्रतिवेदन संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं. जांच का कार्य समय अनुसार संपन्न न होने की स्थिति में कार्यालय इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा. बता दें कि कई जिलों में गलत प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक पकड़े गए हैं. विभाग लगातार इस ओर कार्रवाई कर रहा है.

दिल्ली से लेकर मुंबई और कोलकाता तक, देखें कैसे मनाया जा रहा नवरात्रि का त्योहार

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन दिल्ली के झंडेवालान माता मंदिर में पारंपरिक आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोधपुर पार्क में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन किया।
नवरात्रि का त्योहार पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। दिल्ली से लेकर मुंबई और जालंधर, कोलकाता तक भक्त पंडालों में पहुंचे और नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के दर्शन किए। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन दिल्ली के झंडेवालान माता मंदिर में पारंपरिक आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित नौ दिवसीय उत्सव पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार में देवी के विभिन्न रूपों को पूजा जाता है।
नवरात्रि से पहले, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दिव्य स्त्री की पूजा और सम्मान में नवरात्रि के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एक बयान में कहा, “नवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि हम मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। यह त्यौहार महिलाओं की शक्ति का प्रतीक है और हमारी संस्कृति और परंपराओं का प्रतिबिंब है।
जोधपुर पार्क में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को जोधपुर पार्क में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में उत्सव के दौरान सभी की भलाई की कामना करते हुए एकता और समावेशिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मां दुर्गा सभी को स्वस्थ रखेंगी। हम सभी धर्मों, जातियों और भाषाओं का सम्मान करते हैं। प्रशासन आपके साथ है, ऐसे में यह भी महत्वपूर्ण है कि आप पूजा के दौरान हमारा समर्थन करें।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है त्योहार
भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में नवरात्रि के दौरान दूर्गा पूजा की जाती है। यह त्योहार राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय के जश्न के रूप में मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दक्षिणी राज्यों में, यह त्यौहार दुर्गा या काली की जीत का सम्मान करता है, जबकि गुजरात में, नवरात्रि को पारंपरिक गरबा नृत्य के बाद आरती के साथ मनाया जाता है। पूरे भारत में, नवरात्रि उत्सव में नौ दिनों तक देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिसमें मंच की सजावट, पाठ और शास्त्रों का जाप शामिल है।
फसल के मौसम से जुड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम
यह त्यौहार फसल के मौसम से जुड़ा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी है, जिसमें पंडाल प्रतियोगिताएं, इन प्रतिष्ठानों में पारिवारिक दौरे और शास्त्रीय और लोक नृत्यों के सार्वजनिक प्रदर्शन शामिल हैं। अंतिम दिन, विजयादशमी , बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। देवी दुर्गा की मूर्तियों को जल निकायों में विसर्जित किया जाता है, या राक्षसों के पुतलों को आतिशबाजी के साथ जलाया जाता है, जो बुराई के विनाश का प्रतीक है। यह त्यौहार आगामी दिवाली समारोहों के लिए भी मंच तैयार करता है, जो विजयादशमी के 20 दिन बाद आता है ।

दिल्ली से लेकर मुंबई और कोलकाता तक, देखें कैसे मनाया जा रहा नवरात्रि का त्योहार

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन दिल्ली के झंडेवालान माता मंदिर में पारंपरिक आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोधपुर पार्क में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन किया।
नवरात्रि का त्योहार पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। दिल्ली से लेकर मुंबई और जालंधर, कोलकाता तक भक्त पंडालों में पहुंचे और नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के दर्शन किए। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन दिल्ली के झंडेवालान माता मंदिर में पारंपरिक आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित नौ दिवसीय उत्सव पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार में देवी के विभिन्न रूपों को पूजा जाता है।
नवरात्रि से पहले, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दिव्य स्त्री की पूजा और सम्मान में नवरात्रि के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एक बयान में कहा, “नवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि हम मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। यह त्यौहार महिलाओं की शक्ति का प्रतीक है और हमारी संस्कृति और परंपराओं का प्रतिबिंब है।
जोधपुर पार्क में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को जोधपुर पार्क में दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में उत्सव के दौरान सभी की भलाई की कामना करते हुए एकता और समावेशिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मां दुर्गा सभी को स्वस्थ रखेंगी। हम सभी धर्मों, जातियों और भाषाओं का सम्मान करते हैं। प्रशासन आपके साथ है, ऐसे में यह भी महत्वपूर्ण है कि आप पूजा के दौरान हमारा समर्थन करें।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है त्योहार
भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में नवरात्रि के दौरान दूर्गा पूजा की जाती है। यह त्योहार राक्षस महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय के जश्न के रूप में मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दक्षिणी राज्यों में, यह त्यौहार दुर्गा या काली की जीत का सम्मान करता है, जबकि गुजरात में, नवरात्रि को पारंपरिक गरबा नृत्य के बाद आरती के साथ मनाया जाता है। पूरे भारत में, नवरात्रि उत्सव में नौ दिनों तक देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिसमें मंच की सजावट, पाठ और शास्त्रों का जाप शामिल है।
फसल के मौसम से जुड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम
यह त्यौहार फसल के मौसम से जुड़ा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी है, जिसमें पंडाल प्रतियोगिताएं, इन प्रतिष्ठानों में पारिवारिक दौरे और शास्त्रीय और लोक नृत्यों के सार्वजनिक प्रदर्शन शामिल हैं। अंतिम दिन, विजयादशमी , बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। देवी दुर्गा की मूर्तियों को जल निकायों में विसर्जित किया जाता है, या राक्षसों के पुतलों को आतिशबाजी के साथ जलाया जाता है, जो बुराई के विनाश का प्रतीक है। यह त्यौहार आगामी दिवाली समारोहों के लिए भी मंच तैयार करता है, जो विजयादशमी के 20 दिन बाद आता है ।

भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर ताजा अपडेट आया सामने, अब ट्रायल का इंतजार

नई दिल्लीः वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन जल्द ही शुरू किया जा सकता है। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई पहुंच जाएगी। अभी तक ये वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बीएमएल बेंगलुरू की फैसिलिटी में तैयार की जा रही थी। ट्रेन को आईसीएफ की तरफ से अलग-अलग मापदंडों पर चेक करने के लिए सबसे पहले ऑसिलेशन ट्रायल होगा।
दिसंबर में हो सकता है उद्घाटन

इसके बाद स्टेबिलिटी ट्रायल, स्पीड ट्रायल और अन्य तरीकों के टेक्निकल ट्रायल्स के बाद इसे यात्रियों के लिए चलाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में करीब दो महीने का समय लग सकता है। उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर तक इसका कमर्शियल रन शुरू हो जा जाएगा। इसका किराया राजधानी गाड़ियों की तर्ज पर होगा।

नई वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर में होंगे इतने कोच

नई वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर ट्रेन में 16 कोच और 823 बर्थ होंगे और इसमें 11 3AC कोच (611 बर्थ), 4 2AC कोच (188 बर्थ), और 1 1AC कोच (24 बर्थ) होंगे। ट्रेन में यात्रियों को झटके भी नहीं लगेंगे।

ट्रेन में होगी ये सुविधाएं

वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर ट्रेन के कोच में रीडिंग लैंप, चार्जिंग आउटलेट, एक स्नैक टेबल और एक मोबाइल/मैगजीन होल्डर होगा। कोच कवच टक्कर बचाव प्रणाली से लैस होंगे। सभी कोचों में स्टेनलेस स्टील कार बॉडी होगी। जीएफआरपी आंतरिक पैनल वहां होंगे। डिब्बों में अग्नि सुरक्षा अनुपालन होगा (EN 45545)। स्वचालित दरवाजे होंगे।

180 किमी तक होगी स्पीड

बता दें कि भारतीय रेलवे ने 200 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के निर्माण का ऑर्डर दिया है। बीईएमएल द्वारा बनाई जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, वंदे भारत का नया वैरिएंट है। उम्मीद है कि यह यात्री सुविधा, स्पीड और सुरक्षा के मामले में राजधानी एक्सप्रेस को पीछे छोड़ देगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले साल कहा था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के मूल डिजाइन को मंजूरी दे दी गई है और ट्रेन का निर्माण शुरू हो गया है। 16 डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के 10 रेक 160 किमी प्रति घंटे (परीक्षण के दौरान 180 किमी प्रति घंटे) की अधिकतम परिचालन गति के साथ चलेंगे।