नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को कई अहम प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं, जिनसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार को फायदा होगा। इन रेलवे प्रोजेक्ट्स में 6,798 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैबिनेट के फैसलों की बात करें, तो आज कुल 9,17,791 करोड़ रुपये के 7 सेक्टर्स के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इनमें एयरपोर्ट, पोर्ट, हाईवे, रेलवे, मेट्रो, इंडस्ट्रियल और हाउसिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। रेलवे के लिए 51,801 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टस को मंजूरी दी गई है। इसमें कुल 12 रेलवे प्रोजेक्ट्स और वाराणसी में नया पुल शामिल है।
बिहार और आंध्रप्रदेश को मिला दिवाली का तोहफा, कैबिनेट ने 2 बड़े रेल प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, जानिए फायदे
अमरावती रेलवे लाइन को मंजूरी
क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का हो पूरा सम्मान”, BRICS में सुरक्षा और सुधारों पर फोकस जयशंकर का व्याख्यान
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार पर जोर दिया। इसके साथ ही देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान होने का मुद्दा उठाया।
रूस: कज़ान में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्री का फोकस सुरक्षा के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधारों पर भी रहा। भारत लंबे समय से यूएनएससी में सुधारों की मांग विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। इस बार विदेश मंत्री जयशंकर ने फिर से ब्रिक्स में इस अहम मुद्दे की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा, “…हम एक अधिक न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था कैसे बना सकते हैं?
जयशंकर ने कहा कि इसके लिए सबसे पहले स्वतंत्र प्रकृति के प्लेटफ़ॉर्म को मज़बूत और विस्तारित करना होगा। विभिन्न डोमेन में विकल्पों को व्यापक बनाकर और उन पर अनावश्यक निर्भरता को कम करना पड़ेगा, जिनका लाभ उठाया जा सकता है। इसमें ब्रिक्स ग्लोबल साउथ के लिए एक अंतर बना सकता है….2) स्थापित संस्थानों और तंत्रों में सुधार करके, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और गैर-स्थायी श्रेणियों में सुधार करके। इसी तरह बहुपक्षीय विकास बैंक मे सुधार करके, जिनकी कार्य प्रक्रियाएँ संयुक्त राष्ट्र की तरह ही पुरानी हैं।
भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान सुधारों का दिया उदाहरण
भारत ने सुधारों के लिए जी-20 की अध्यक्षता का उदाहरण दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत ने अपने जी20 प्रेसीडेंसी के दौरान एक प्रयास शुरू किया और हमें यह देखकर खुशी हुई कि ब्राज़ील ने इसे आगे बढ़ाया….3) अधिक उत्पादन केंद्र बनाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था का लोकतंत्रीकरण करके…4) वैश्विक बुनियादी ढाँचे में विकृतियों को ठीक करके जो औपनिवेशिक युग से विरासत में मिली हैं। दुनिया को अधिक कनेक्टिविटी विकल्पों की आवश्यकता है जो रसद को बढ़ाएं और जोखिमों को कम करें। यह एक सामूहिक प्रयास होना चाहिए, जिसमें क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का पूरा सम्मान हो….5)अनुभवों और नई पहलों को साझा करके।” इस प्रकार वैश्विक न्याय व्यवस्था का नया प्रारूप तैयार किया जा सकता है।
संघर्षों और तनावों को दूर करने पर जोर
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “संघर्षों और तनावों को प्रभावी ढंग से संबोधित करना आज की विशेष आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि यह युद्ध का युग नहीं है। जयशंकर ने कहा, “…हम इस विरोधाभास का सामना कर रहे हैं कि परिवर्तन की ताकतें आगे बढ़ने के बावजूद कुछ पुराने मुद्दे और भी जटिल हो गए हैं। एक ओर, उत्पादन और उपभोग में लगातार विविधता आ रही है। उपनिवेशवाद से स्वतंत्रता प्राप्त करने वाले राष्ट्रों ने अपने विकास और सामाजिक-आर्थिक प्रगति को गति दी है। नई क्षमताएं उभरी हैं, जिससे अधिक प्रतिभाओं का इस्तेमाल आसान हुआ है। यह आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पुनर्संतुलन अब उस बिंदु पर पहुंच गया है, जहां हम बहु-ध्रुवीयता पर विचार कर सकते हैं।
‘वाह रे कांग्रेस, सीता राम केशरी जी के बाद खड़गे जी’; वायरल वीडियो पर गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया
गिरिराज सिंह ने अपनी पोस्ट में सीता राम केसरी का जिक्र किया है, जिन्हें 1998 में जबरन कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया गया था। इस दौरान उनकी बहुत बेज्जती की गई थी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के वायरल वीडियो पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सीता राम केसरी के बाद मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कांग्रेस ने अपमानजनक व्यवहार किया है। इस घटना को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए निशाना साधा। गिरिराज सिंह ने खरगे का वीडियो शेयर करते हुए लिखा “वाह रे कांग्रेस, सीता राम केशरी जी के बाद खड़गे जी।
वायरल वीडियो वायनाड के कलेक्टर ऑफिस का है। यहां प्रियंका गांधी नामांकन के लिए पहुंची थीं। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता थे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी उनके साथ पहुंचे थे। हालांकि, नामांकन के दौरान खरगे को कलेक्टर के कमरे के अंदर नहीं घुसने दिया गया। वह दरवाजे के बाहर से झांक रहे थे। इसी दौरान किसी ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो वायरल हो रहा है।
खरगे की घटना को सीता राम केसरी से क्यों जोड़ रहे गिरिराज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और वह दिग्गज दलित नेता भी हैं। इससे पहले सीता राम केसरी कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं, जो स्वतंत्रता सेनानी और दिग्गज दलित नेता थे। उनके कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। ऐसे में सभी बड़े नेताओं ने उनसे यह पद छोड़ने की मांग की थी। सभी नेता चाहते थे कि सोनिया गांधी यह जिम्मेदारी लें। हालांकि, सीता राम केसरी ने यह पद छोड़ने से मना कर दिया था। 1998 में उन्हें बहुत बेइज्जत करके अध्यक्ष के पद से हटाया गया था। कहा जाता है कि कांग्रेस कार्यालय में नारों के बीच उन्हें अपशब्द भी कहे गए थे। इसके बाद सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनीं थीं और आधिकारिक पत्र में पद छोड़ने के लिए सीता राम केसरी की खूब सराहना की गई थी।
बीजेपी साध रही निशाना
भारतीय जनता पार्टी खरगे की घटना को सीता राम केसरी से जोड़कर गांधी परिवार पर निशाना साध रही है। बीजेपी का कहना है कि खरगे गांधी परिवार से नहीं हैं, इस वजह से उन्हें पार्टी का अध्यक्ष होने के बावजूद कमरे के अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं, कुछ नेताओं का कहना है कि कांग्रेस हमेशा से ही दलित नेताओं का अपमान करती रही है। सीता राम केसरी के बार खरगे के साथ अपमानजनक व्यवहार हो रहा है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप, पुलिस ने दर्ज की FIR
जबलपुर: देश के कई हवाई अड्डों और विमानों को बम से उड़ाने की धमकियों के बीच जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुख्यालय को एक मेल के माध्यम से डुमना एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की तरफ से मिले इनपुट पर जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दर्ज कराई एफआईआर
एयरपोर्ट अथॉरिटी की शिकायत पर खमरिया पुलिस थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी है। डीएसपी आकांक्षा उपाध्याय ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है और अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को प्राथमिकता से देख रही हैं।
जांच में एयरपोर्ट पर कुछ नहीं मिला
धमकी मिलने के बाद डुमना एयरपोर्ट परिसर और अंदर की जांच की गई, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस समय हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा बनाए हुए हैं और अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। बीते 7 दिनों में देश की विभिन्न एयरलाइंस को लगभग 90 बम धमकियां मिल चुकी हैं। जिससे हवाई सुरक्षा एजेंसियों और एयरलाइंस पर भारी दबाव बढ़ा है। इन धमकियों के कारण विमानों की जल्द से जल्द लैंडिंग कराकर गहन जांच की जा रही है, जिसके चलते एयरलाइंस को अब तक करीब 427 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
हर विमान को मिल रही धमकी के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर उतारना पड़ता है और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे विमान की जांच होती है। इस प्रक्रिया में प्रति उड़ान 2 से 3 करोड़ रुपये का खर्च आता है, जो कि एयरलाइंस के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है।
मध्य प्रदेश में इंडी अलायंस में फूट, सपा ने कांग्रेस के खिलाफ इस विधानसभा सीट से उतारा अपना उम्मीदवार
एमपी में दो सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने गठबंधन धर्म के तहत कांग्रेस से दो में से एक सीट मांगी थी लेकिन बात नहीं बनी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ कई दौर की चर्चा के बाद भी कांग्रेस की तरफ से कोई सहमति नहीं बनी।
मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की फूट सामने आ गई है। मध्य प्रदेश के बुधनी और विजयपुर विधानसभा में 13 नवंबर को चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे से खाली हुई बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव में राजकुमार पटेल को तो वहीं, विजयपुर सीट से मुकेश मल्होत्रा को चुनावी मैदान में उतारा है।
उपचुनाव वाले दोनों सीटों पर कांग्रेस ने उतारे अपने उम्मीदवार
इन्हीं दो सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित करने से समाजवादी पार्टी नाराज है। दरअसल, समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से कांग्रेस से एक सीट मांगी थी। इन सीटों पर प्रत्याशी के चयन के लिए बाकायदा मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन वर्मा, अरुण यादव समेत समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को आश्वस्त किया था कि पार्टी आला कमान से बातचीत के बाद वह अपना निर्णय बताएंगे लेकिन कांग्रेस ने बिना समाजवादी पार्टी को भरोसे में लिए, दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने भी 24 घंटे के अंदर बुधनी सीट से अपना प्रत्याशी उतार कर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया। इस सीट से समाजवादी पार्टी ने एक दिन पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा देकर आए अर्जुन राय को अपना प्रत्याशी बनाया है।
सपा ने एक सीट पर मांगा था टिकट लेकिन वो भी नहीं हो पाया कांग्रेस से
दरअसल, किसान नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले अर्जुन राय कांग्रेस में प्रदेश सचिव रहे हैं और लंबे समय से विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे थे। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो नाराज होकर उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। अर्जुन राय 2018 में भी समाजवादी पार्टी में थे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारती ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा की अर्जुन आर्य ने 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कर पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्हें पार्टी में शामिल किया गया। यश ने यह भी कहा कि कई दौर की बातचीत के बावजूद कांग्रेस ने दो में से एक सीट गठबंधन धर्म के तहत उन्हें नहीं दी। यश भारती ने कहा कांग्रेस अपनी हार से सबक नहीं लेती है चाहे हार हरियाणा की हो या 2023 की मध्य प्रदेश चुनावों की। कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो सहयोगियों से सहयोग नहीं लेना चाहती और सहयोग देना भी नहीं चाहती है।
हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में भी बनेंगे अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर के लिए स्थायी आश्रम, CM मोहन यादव का ऐलान
सिहंस्थ 2028 को लेकर प्रेस वार्ता में मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की पहचान साधु संतों से है। हरिद्वार में जिस प्रकार साधु -संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार विकास के क्रम को जारी रखते हुए उज्जैन में भी साधु संतों के स्थायी आश्रम बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिहंस्थ का आयोजन 2028 में होना है, लेकिन इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने ऐलान कर दिया है कि हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में भी साधु-संतो, महंत,अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर आदि महात्माओं के लिए स्थायी आश्रम बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा “उज्जैन सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर आगे बढ़ रही है। समान रूप से विकास से सभी की खुशहाली के द्वार खुलेंगे। सभी देव स्थानों के आसपास हमारे धर्माचार्य आ पाएं यह हमारी प्राथमिकता है।
सिहंस्थ 2028 को लेकर प्रेस वार्ता में मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की पहचान साधु संतों से है। 12 वर्षों में एक बार आयोजित होने वाले सिहंस्थ का आयोजन अब 2028 में है। साधु संतों को उज्जैन में आने, ठहरने, कथा, भागवत इत्यादि अन्य आयोजन के लिए पर्याप्त रूप से भूमि भू खंड की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार साधु -संतों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी आश्रम बनाए जाने की योजना बनाई गई हैं। निजी होटलों में साधु संतों और श्रद्धालुओं को इस प्रकार के आयोजनों के लिए चुनौतियां आती हैं। महंगा भी पड़ता है।
हरिद्वार की तर्ज पर बनेंगे स्थायी आश्रम
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि हरिद्वार में जिस प्रकार साधु -संतों के अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी प्रकार विकास के क्रम को जारी रखते हुए उज्जैन में भी साधु संतों के स्थायी आश्रम बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस बड़ी योजना को आकार दिया जाएगा। सभी साधु-संतो, महंत, अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर सभी को आमंत्रित कर उनके स्थायी आश्रम बनाने की दिशा में काम करेंगे। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, जल निकासी इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी स्थाई अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। ताकि अस्थाई निर्माण से होने वाली समस्याएं निर्मित ना हो।
धार्मिक शहर के रूप में विकसित होगा उज्जैन
हरिद्वार की तरह उज्जैन को धार्मिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार की गई है। सभी प्रकार के फोरलेन, सिक्सलेन ब्रिज आदि स्थायी अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ साधु -संतों के लिए आश्रम निर्माण के कार्य समानांतर रूप से किए जाएंगे। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के माध्यम से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, आश्रम, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र आदि सार्वजनिक गतिविधियों के संचालन कार्य को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
पार्किंग के लिए भी भरपूर जगह
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि साधु -संतों को आश्रम निर्माण के लिए अनुमति इस प्रकार दी जाएगी कि पांच बीघा के एक बीघा भूखंड पर ही भवन का निर्माण किया जा सकेगा। शेष चार बीघा भूखंड खुला रहेगा, जिसमें पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त खुला स्थान रहे। यह अनुमति केवल साधु-संतों ,महंत ,अखाड़ा प्रमुखों, महामंडलेश्वर को ही दी जाएगी। व्यक्तिगत और कमर्शियल उपयोग के लिए इस प्रकार की अनुमति नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक बनने के बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। निरंतर यहां धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी रहता है। ऐसे में यह योजना धर्मावलंबियों के लिए बड़ी लाभकारी सिद्ध होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना तैयार की गई है।
इंदौर-उज्जैन मेट्रो को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन के संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी गई है। इसी के साथ उज्जैन, देवास, फतेहाबाद, इंदौर को जोड़ते हुए सर्किल वंदे मेट्रो ट्रेन का भी संचालन किया जाएगा। जिसकी गति मेट्रो ट्रेन की तुलना में अधिक होगी। रेल रूट के साथ उज्जैन के सभी मार्गों का भी सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। उज्जैन से निकलने वाले सभी मार्ग फोरलेन किए जाएंगे। वर्तमान एयरस्ट्रिप का भी उन्नयन कर टेक्निकल रूप से एयरपोर्ट बनाया जायेगा। ताकि 12 महीने हवाई यातायात सुविधा भी उज्जैन को मिल सके।
दिल्ली में कई जगहों पर AQI पहुंचा 300 के पार, गोपाल राय बोले- हमने 13 हॉटस्पॉट की पहचान की, कहां हैं यूपी सरकार के पर्यावरण मंत्री
वायु प्रदूषण एक बार फिर दिल्ली को अपनी चपेट में लेने लगा है। दिल्ली के कई स्थान ऐसे हैं जहां एक्यूआई 300 के पार जा चुका है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने 13 हॉटस्पॉट की पहचान की है।
दिल्ली एक बार फिर से वायु प्रदूषण की चपेट में आ चुका है। एक्यूआई कई स्थानों पर 300 के पार जा चुका है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में ओवरऑल देखे तो एक्यूआई खराब श्रेणी के स्तर तक पहुंच गया है। दिल्ली में 13 हॉटस्पॉट हैं, जहां एक्यूआई 300 के पार है। सबसे ज्यादा एक्यूआई वजीरपुर में 381 दर्ज किया गया है। अबतक सबसे ज्यादा एक्यूआई आनंद विहार में था। इसके बाद कल अधिकारियों को निर्देश दिया गया तो ऑपरेशन चलाया गया कि क्या कारण है कि इन इलाकों में प्रदूषण ज्यादा है।
दिल्ली में 13 हॉटस्पॉट की हुई पहचान
उन्होंने कहा कि आज 13 हॉटस्पॉट को लेकर बैठक की गई। अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। हर हॉट स्पॉट के लिए एक कमेटी बनी है। Mcd के डीसी उसको हेड करेंगे। कॉर्डिनेशन कमेटी के साथ एक इंजीनियर भी रहेगा, डीसी के साथ मिलकर सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि आनंद विहार में प्रदूषण का जो स्तर है, उसका कारण है वहां सड़क टूटा है। आनंद विहार क्षेत्र में डीजल की बस बाहर आ रही है, वहां बड़ी संख्या में गाड़ियां खड़ी होती हैं जो प्रदूषण का अहम कारण है। उन्होंने कहा कि अशोक विहार में ट्रैफिक ज्यादा है। उसकी वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। द्वारका में कमेटी बनी है।
यूपी के पर्यावरण मंत्री कहां हैं”, गोपाल राय ने साधा निशाना
गोपाल राय ने आगे कहा कि भाजपा नेता नौटंकी करना बंद करें। दिल्ली में दो स्मॉग टावर बनाए गए हैं। एक सरकार ने बनाया है और एक केंद्र सरकार ने। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री कहां है। 4 राज्यों की सरकार के पर्यावरण मंत्री कहां हैं? कई बार चिट्ठी लिखी लेकिन उनका जवाब नहीं आता। भाजपा के लोग नौटंकी बंद करें। भाजपा की सरकार प्रदूषण बढ़ाने के लिए काम कर रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण कम करने के लिए काम कर रही है।
पहले कुणाल फिर कार्तिकेय, शिवराज के दोनों बेटों का तय हुआ रिश्ता, पीएम मोदी को पूरे परिवार ने दिया शादी का न्योता
कुणाल शिवराज के छोटे बेटे हैं, लेकिन उनकी सगाई कुछ महीने पहले ही हो गई थी। अब उनके बड़े भाई कार्तिकेय की भी सगाई हो गई है और दोनों भाई जल्द ही शादी करने वाले हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटे जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले हैं। शिवराज ने गुरुवार (17 अक्टूबर) को पीएम मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने दोनों बेटों की शादी में शामिल होने के लिए पीएम मोदी को आमंत्रित किया। शिवराज ने खुद इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर दी। शिवराज के छोटे बेटे कुणाल की सगाई कुछ महीने पहले ही हुई थी। अब शिवराज के ट्वीट से साफ है कि उनके बड़े बेटे की भी सगाई हो चुकी है और जल्द ही दोनों की शादी होने वाली है।
सूत्रों के अनुसार यह कार्तिकेय की सगाई दिल्ली के एक बड़े होटल में हुई। इसमें दोनों पक्षों के परिवार को मिलाकर कुल 50-60 लोग शामिल हुए। शादी में एंट्री के लिए खास कार्ड दिया गया था। इसी के आधार पर ही एंट्री मिल रही थी।
कौन हैं दुल्हन
शिवराज सिंह और साधना सिंह के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की मंगेतर का नाम अमानत बंसल है। राजस्थान के उदयपुर की रहने वाली अमानत के पिता अनुपम बंसल फेमस शूज कंपनी लिबर्टी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उनकी मां रुचिता बंसल कन्फेडरेशन ऑफ विमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया के हरियाणा चैप्टर की फाउंडर हैं। वहीं, शिवरात के छोटे बेटे कुणाल की शादी भोपाल के जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से हो रही है।
शिवराज का पोस्ट
शिवराज सिंह ने पीएम मोदी से पूरे परिवार के साथ मुलाकात की और उन्हें दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया। इस दौरान साधना सिंह और कार्तिकेय-कुणाल ने भी पीएम से शादी में आने का आग्रह किया। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए शिवराज ने लिखा “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपनी धर्मपत्नी साधना और दोनों बेटों कार्तिकेय-कुणाल के साथ भेंट की। हमने प्रधानमंत्री जी को दोनों बेटों की शादी में आने का निमंत्रण दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। स्नेह, प्रेम, आत्मीयता और अपनेपन से भरे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अभिभावक और बड़े भाई हैं। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे अत्यंत सहज और सरल हैं। प्रधानमंत्री जी से मिलकर मन भावुक हो गया। उनके साथ देश और किसानों के लिए काम करना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।”
इन दो फिल्मों ने बना दिया अक्षय कुमार को OTT किंग, एशिया में सबसे ज्यादा देखी जा रहीं ये मूवीज
अक्षय कुमार की दो फिल्में ओटीटी पर खूब देखी जा रही हैं। पूरे एशिया में सबसे ज़्यादा देखि जाने वाली फिल्में बन गई हैं। एक्टर का ओटीटी पर दबदा देखने को मिल रहा हैं। जानें इन फिल्मों को कहां देख सकते हैं।
बॉक्स ऑफिस नंबर फिल्मों की सफलता का बॉलीवुड में एक पैमाना है। कई फिल्में पर्दे पर आती हैं और बुरी तरह पिट जाती हैं। वहीं कई फिल्में ऐसी भी हैं जो सीधे ओटीटी पर रिलीज होती हैं और उनका दबदबा देखने को मिलता हैं, लेकिन हम बात करेंगे अक्षय कुमार की उन फिल्मों की जो पहले बड़े पर्दे पर रिलीज हुईं और फिर ओटीटी पर आईं। ये फिल्में सिनेमाघरों में बुरी तरह पिटीं लेकिन ओटीटी पर अब तबाही मचा रही हैं। इन दो फिल्मों का दबदबा एशिया भर में देखने को मिल रहा है। ये फिल्में बार-बार देखी जा रही हैं और लोग को खूब पसंद भी आ रही हैं। इन फिल्मों का असर कुछ ऐसा है कि ये मोस्ट वॉच्ड और नंबर वन ओटीटी व्यूड फिल्में बन गई हैं।
इस फिल्म का भी जलवा
बॉलीवुड के सबसे व्यस्त अभिनेताओं में से एक अक्षय ने लगातार ऐसी फिल्में दी हैं जो दर्शकों को पसंद आईं। फिर एक दौर आया जब सिनेमाघरों में उनकी फिल्में नहीं चलीं। इन्हीं फिल्मों में उनकी हालिया रिलीज ‘सरफिरा’ और ‘खेल खेल में’ दोनों ही दर्शकों की पसंदीदा बन गई हैं। ‘सरफिरा’, जुलाई में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई, अब 11 अक्टूबर से ये डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है। केवल एक सप्ताह के भीतर ही ये दर्शकों की पहली पसंद बन गई हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इसे पहला स्थान हासिल हुआ है। इसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इन दिनों ये डिज्नी प्लस हॉटस्टार की सबसे ज्यादा देखी जा रही फिल्म है।
‘खेल खेल में’ मचा रही धूम
‘खेल खेल में’ जिसका प्रीमियर अगस्त में बड़े पर्दे पर हुआ और 9 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग शुरू हुई, इसकी भी धूम देखने को मिल रही है। केवल चार दिनों में कॉमेडी-ड्रामा को 4 मिलियन बार देखा गया। ये फिल्म 8.7 मिलियन घंटे देखी गई और पूरे एशिया में नंबर 1 स्थान पर है। यह फिल्म 13 देशों में शीर्ष 10 में ट्रेंड कर रही है, जो अक्षय कुमार की व्यापक लोकप्रियता की पुष्टि करती है।
इन फिल्मों में नजर आएंगे अक्षय
दर्शकों से जुड़ने की अक्षय की उल्लेखनीय क्षमता ने एक बार फिर लोगों का दिल जीता है और ओटीटी के किंग के रूप में उबरे हैं। अक्षय के पास आगे कई फिल्में लाइनअप में हैं। अक्षय कुमार जल्द ही ‘स्काई फोर्स’, ‘हाउसफुल 5’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘जॉली एलएलबी 3’ में दिखाई देंगे। उत्साह को बढ़ाते हुए वह रोहित शेट्टी की ‘सिंघम अगेन’ में ‘सूर्यवंशी’ के रूप में अपनी प्रतिष्ठित भूमिका को दोहराएंगे, जो दिवाली रिलीज के लिए सेट हैं।
दिल्ली कैपिटल्स ने किया बड़ा ऐलान, अब इस दिग्गज को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
IPL मेगा ऑक्शन से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने बड़ा ऐलान कर सभी को चौंका दिया है। उन्होंने दिग्गज क्रिकेट को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने एक्स पर ये बड़ा ऐलान किया।
IPL 2025 में कौन संभालेगा दिल्ली कैपिटल्स टीम की कमान? ये सवाल हर क्रिकेट फैन के जेहन में चल रहा है। ऐसी भी खबरें है कि अगले सीजन में दिल्ली की कप्तानी ऋषभ पंत से छीनकर किसी और खिलाड़ी को सौंपी जा सकती है। इस बीच IPL मेगा ऑक्शन से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने बड़ा ऐलान कर दिया है। दिल्ली ने अपने कोचिंग स्टाफ को लेकर बड़ी घोषणा की है। दिल्ली कैपिटल्स ने भारत के पूर्व क्रिकेटर को अपना हेड कोच नियुक्त किया है। साथ ही उन्होंने अपने क्रिकेट डॉयरेक्टर के नाम का भी खुलासा कर दिया है।
दिल्ली ने एक ऐसे पूर्व क्रिकेटर को अपना हेड कोच बनाया है जिसके पास सिर्फ 4 टेस्ट और 40 वनडे खेलने का अनुभव है। इस पूर्व क्रिकेटर का नाम है हेमंग बदानी। 47 साल के हेमंग 2001 से 2004 तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 44 इंटरनेशनल मैच खेले। दिल्ली ने हेमंग बदानी को हेड कोच नियुक्त किया है जबकि वेणुगोपाल राव को अपना क्रिकेट डॉयरेक्टर बनाया है।
हेमंग बदानी को कोचिंग का अनुभव
हेमंग बदानी कई क्रिकेट लीग में कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं। 2021-23 के बीच उन्होंने IPL में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ फील्डिंग कोच और बैटिंग कोच के तौर पर काम किया। उन्होंने जाफना किंग्स फ्रैंचाइजी को लगातार दो लंका प्रीमियर लीग खिताब भी जिताए। बदानी ने SA20 के पहले संस्करण में खिताब जीतने वाली सनराइजर्स ईस्टर्न केप टीम के साथ बैटिंग कोच के तौर पर भी काम किया। बदानी दुबई कैपिटल्स टीम के भी हेड कोच थे, जो इस साल ILT20 फाइनल में पहुंची थी।
वेणुगोपाल राव, जिन्होंने भारत के लिए 16 वनडे मैच खेले हैं, डेक्कन चार्जर्स के साथ 2009 आईपीएल जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स (2011-13) के साथ आईपीएल के 3 सीजन खेले हैं। वह दुबई कैपिटल्स का भी हिस्सा रहे हैं। उन्होंने दुबई कैपिटल्स के उद्घाटन सत्र में मेंटर और अगले सत्र में क्रिकेट निदेशक के रूप में काम किया।

