Thursday, June 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeNationalविदेश नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये की ठगी का...

विदेश नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये की ठगी का आरोप, सात माह से बेरोजगार पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

मोहाली। विदेश में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक युवक से 70 हजार रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि पंजाब के मोहाली स्थित एक कंसल्टेंसी कार्यालय ने उसे विदेश में आकर्षक नौकरी और मोटे वेतन का झांसा देकर बड़ी रकम वसूल ली, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही उसकी जमा राशि वापस की गई। अब पीड़ित आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहा है तथा न्याय की गुहार लगा रहा है।

पीड़ित के अनुसार उसने विदेश में रोजगार पाने की उम्मीद में मोहाली स्थित क्राउन रूट कंसल्टेंसी से संपर्क किया था। कंसल्टेंसी के प्रतिनिधियों ने उसे अजरबैजान में रिटेल मैनेजर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया…
[6:14 pm, 04/06/2026] Samachar Bharti: विदेश भेजने के नाम पर 70 हजार की ठगी का आरोप, नौकरी का सपना दिखाकर महीनों तक दौड़ाते रहे एजेंट

फेसबुक से शुरू हुआ संपर्क, मेडिकल, वीजा और जॉब प्लेसमेंट के नाम पर वसूली, पीड़ित ने डीजीपी पंजाब से लगाई न्याय की गुहार

पुणे। विदेश में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक युवक से 70 हजार रुपये वसूलने और बाद में उसे महीनों तक गुमराह करने का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के पुणे निवासी संदीप नंदकुमार यादव ने पंजाब पुलिस के डीजीपी को शिकायत भेजकर मोहाली स्थित एक कंसल्टेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उसे ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोप, कुवैत और अजरबैजान में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन लाखों सपने दिखाने के बाद उसे केवल आश्वासनों के सहारे छोड़ दिया गया।

शिकायत के अनुसार संदीप यादव का संपर्क 15 दिसंबर 2025 को फेसबुक के माध्यम से कंसल्टेंसी की प्रतिनिधि रिया ठाकुर से हुआ था। बातचीत के दौरान विदेश में आकर्षक नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाया गया। रिया ने दावा किया कि पहले वीजा जारी होगा और उसके बाद प्रक्रिया पूरी करने के लिए 70 हजार रुपये जमा कराने होंगे।

पीड़ित ने भरोसा करते हुए 16 दिसंबर को अपना पासपोर्ट, अनुभव प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए। इसके बाद उसे मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए गए। पुणे निवासी होने के बावजूद उसे मुंबई में मेडिकल की व्यवस्था होने की जानकारी दी गई। 18 दिसंबर 2025 को उसने मुंबई के केके डायग्नोस्टिक सेंटर में मेडिकल परीक्षण कराया और इसके लिए 7 हजार रुपये खर्च किए।

मामला यहीं नहीं रुका। शिकायत में बताया गया है कि 7 जनवरी 2026 को उसे अपने ससुर के साथ चंडीगढ़ बुलाया गया। वहां उसकी मुलाकात तुषार नामक व्यक्ति से हुई, जिसने तत्काल 70 हजार रुपये जमा करने का दबाव बनाया। आरोप है कि 15 दिनों के भीतर नौकरी की पुष्टि और औपचारिक अनुबंध देने का भरोसा देकर पूरी राशि ले ली गई।

पीड़ित का कहना है कि भुगतान के बाद उसे केवल तीन महीने की वैधता वाला वीजा दिया गया। बाद में इसे अजरबैजान का प्रारंभिक एंट्री वीजा बताते हुए दो साल के लिए टीआरसी कार्ड मिलने का आश्वासन दिया गया। लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो नौकरी मिली और न ही कोई ठोस प्रक्रिया आगे बढ़ी।

संदीप यादव ने आरोप लगाया है कि पुणे लौटने के बाद कंसल्टेंसी के अधिकारियों का रवैया पूरी तरह बदल गया। फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया गया और जब कभी संपर्क हुआ तो केवल टालमटोल और नए बहाने सुनने को मिले। बार-बार पूछताछ करने पर कंपनी के मालिक हैरी ने होली तक इंतजार करने या फिर रिफंड लेने का विकल्प बताया।

पीड़ित के अनुसार तमाम आश्वासनों के बावजूद उसे केवल 17 अप्रैल 2026 की एक नियुक्ति पत्र की प्रति भेजी गई, लेकिन वास्तविक नौकरी, वर्क परमिट या विदेश भेजने की कोई प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इससे उसे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा।

अब पीड़ित ने पंजाब पुलिस के डीजीपी को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जमा कराई गई 70 हजार रुपये की राशि वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत में मोहाली स्थित कंसल्टेंसी कार्यालय का पता और संबंधित कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं।

इस मामले ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े और बेरोजगार युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला अंतरराज्यीय स्तर पर रोजगार के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments