Thursday, May 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeMadhy Pradeshजबलपुर में पुश्तैनी मकान को लेकर भाइयों के बीच छिड़ी कानूनी जंग,...

जबलपुर में पुश्तैनी मकान को लेकर भाइयों के बीच छिड़ी कानूनी जंग, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

जबलपुर के शंकरशाह नगर स्थित चौधरी मोहल्ले का एक पारिवारिक विवाद अब बड़ा कानूनी संघर्ष बन चुका है। मकान नंबर 244 को लेकर सगे भाइयों के बीच कई वर्षों से चल रही लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। प्रधान जिला न्यायाधीश जबलपुर की अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए सभी पक्षकारों को संपत्ति का सहस्वामी माना है और बराबर हिस्से में बंटवारे का रास्ता साफ कर दिया है।

मामले में बल्लू चौधरी ने अपने भाइयों नंदू चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी और तुलसी चौधरी के खिलाफ अदालत में आवेदन पेश किया था। विवाद पुश्तैनी मकान के स्वामित्व और कब्जे को लेकर था। बल्लू चौधरी का आरोप था कि पिता स्वर्गीय छब्बीलाल चौधरी की मौत के बाद सभी भाई संयुक्त रूप से संपत्ति के मालिक बने, लेकिन उन्हें हिस्से से वंचित करने की कोशिश की जा रही थी।


राधा चौधरी जी ने हमें यह भी बताया है कि नंदू चौधरी और उनकी पत्नी रेखा चौधरी ने कब्जा करके रखा है और कोर्ट के आदेश भी नहीं मान रही हैं इसी के आधार पर राधा जी ने आवेदन लगाए हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है जिससे पूरा परिवार परेशान है

बताया गया कि इससे पहले बल्लू चौधरी ने स्थायी निषेधाज्ञा के लिए व्यवहार न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसमें निचली अदालत ने उनके पक्ष में आदेश दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए नंदू चौधरी और ओमप्रकाश चौधरी ने जिला न्यायालय में नियमित व्यवहार अपील क्रमांक 10/2021 दायर की थी।

अपीलकर्ताओं ने अदालत में दावा किया कि पिता ने जीवनकाल में ही संपत्ति का बंटवारा कर दिया था और बल्लू चौधरी को मंडला में अलग मकान खरीदकर दिया गया था। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि बल्लू चौधरी ने संपत्ति में अपना हक छोड़ने के एवज में हजारों रुपये लिए थे। दूसरी ओर बल्लू चौधरी ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कथित विक्रय पत्र और इकरारनामे को फर्जी और निष्प्रभावी बताया।

प्रधान जिला न्यायाधीश आलोक अवस्थी की अदालत ने पूरे रिकॉर्ड, गवाहों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद माना कि वादग्रस्त संपत्ति सभी पक्षकारों की संयुक्त संपत्ति है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी भाई संपत्ति में समान हिस्सेदारी के अधिकारी हैं और संपत्ति का बंटवारा किया जाना उचित होगा।

कोर्ट के फैसले के बाद चौधरी परिवार का यह विवाद अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक संपत्ति विवाद अब अदालतों तक पहुंचकर रिश्तों को भी तोड़ रहे हैं। मामले ने यह भी दिखा दिया कि वर्षों पुराने पारिवारिक विवाद किस तरह कानूनी लड़ाई का रूप ले लेते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments