Saturday, April 25, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeNationalआदिवासी परिवार की 5 एकड़ पैतृक जमीन पर कब्जे का आरोप: जातिसूचक...

आदिवासी परिवार की 5 एकड़ पैतृक जमीन पर कब्जे का आरोप: जातिसूचक गालियां, मारपीट और धमकी का दावा; पीड़ितों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र से आदिवासी परिवार की पैतृक जमीन पर कब्जा करने और जातिसूचक गालियां देकर अपमानित करने का गंभीर मामला सामने आया है। अमरावती कॉलोनी और रेलवे कॉलोनी बी-टाइप इलाके में रहने वाले कच्छप परिवार के कई सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उनकी करीब 5.48 एकड़ खतियानी जमीन पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की है। पीड़ितों का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ितों में रेमण्ड कच्छप, रवि कच्छप, राजा कच्छप, लच्छु कच्छप, पूनम कच्छप, शांति कच्छप, तारा कच्छप और अलीशा कच्छप शामिल हैं। इनका कहना है कि खाता संख्या 98 के अंतर्गत आने वाली लगभग 5.48 एकड़ जमीन उनके पूर्वजों के नाम से दर्ज है और वे उसी के वंशज होने के कारण इस जमीन पर वर्षों से काबिज हैं। परिवार का आरोप है कि हाल के दिनों में कुछ जमीन दलालों ने गैर-आदिवासी लोगों के साथ मिलकर इस जमीन पर कब्जा करने की साजिश शुरू कर दी है।

पीड़ितों के अनुसार प्लॉट संख्या 845/846 पर अंशु मिश्रा,पिता-दिवाकर मिश्रा, कुष्णापुरा रोड न.-01 विक्की यादव, पिता-राजेश यादव,विकास सिंह पिता-विसनाय सिंह,राजेश सिंह पिता-नामालुम, सभी अमरावती कोलोनी की. टाइप चुटिया के निवासी है थाना – चुटिया 98 और उनके 10 से 15 सहयोगियों ने जबरन घुसकर जमीन की नापी-जोखी शुरू कर दी और घेराबंदी करने लगे। जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने सार्वजनिक रूप से उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और महिलाओं के प्रति भी अश्लील इशारे किए।

पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने जमीन छोड़कर वहां से नहीं गए तो उन्हें घर में घुसकर मारपीट की जाएगी। परिवार का कहना है कि इससे पहले 15 अक्टूबर 2024 को भी आरोपियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी और महिलाओं के साथ मारपीट की थी। उस घटना की सूचना भी पुलिस को दी गई थी और मारपीट के फोटो तक जमा किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

परिवार का कहना है कि जमीन को लेकर मामला पहले से न्यायालय में भी चल रहा है। उन्होंने बताया कि जमीन के बंटवारे को लेकर रांची सिविल कोर्ट में ओ.एस. केस संख्या 980/2020 दाखिल किया गया था। बाद में इस मामले में न्यायालय के आदेश के खिलाफ जुडिशियल कमिश्नर रांची की अदालत में सिविल अपील (केस संख्या 77/2025) दायर की गई है, जिसकी सुनवाई भी निर्धारित है। इसके बावजूद आरोप है कि कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

पीड़िता शांति कच्छप ने बताया कि उनकी जमीन का एक हिस्सा खाली था, जिस पर उन्होंने निजी बोरिंग करवाई थी और घर के पीछे सरकारी बिजली मीटर भी लगा हुआ था। उसी बिजली से घर की लाइट और पानी की मोटर चलती थी, लेकिन अब आरोपियों ने उस जमीन पर कब्जा कर लिया है, जिसके कारण परिवार को पानी और बिजली दोनों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

शांति कच्छप का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचते हैं तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उनका आरोप है कि पुलिस भी उन्हें यह कहकर टाल देती है कि उन्होंने ही शायद उन लोगों को जमीन पर बुलाया होगा। पीड़ित परिवार का कहना है कि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बंद होने से उनका जीवन बेहद कठिन हो गया है।

इस मामले में सुनीता टोप्पो, रानी देवी ,फूलो देवी पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया गया है, जबकि अंशु मिश्रा और राजेश पर जमीन दलाल के रूप में भूमिका निभाने का आरोप है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि आदिवासी समाज की जमीन की रक्षा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पैतृक जमीन पूरी तरह कब्जा ली जाएगी और उनका परिवार बेघर हो सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments