श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100वें वार्षिक दिवस समारोह में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने अपने कॉलेज के दिनों को याद किया। इस दौरान उन्होंने अरुण जेटली के साथ बिताए दोस्ती के पलों को भी शेयर किया।इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100वें वार्षिक दिवस समारोह में शामिल हुए जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान रजत शर्मा ने अपने कॉलेज के दिनों को याद किया। साथ ही श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एडमिशन के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात और उनके साथ बिताए दोस्ती के पलों को शेयर किया।
‘मैं आज जो कुछ भी हूं, वो SRCC की वजह से हूं’
इस मौके पर इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने कहा, ”मैं आज जो कुछ भी हूं श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की वजह से ही हूं। इस 100 साल के सफर मे मेरा रिश्ता 53 साल का है। इसी ऑडिटोरियम मे कितनी बार कम्पटीशन मे भाग लिया, अवॉर्ड भी जीते।”
रजत शर्मा की कुछ यूं हुई थी अरुण जेटली से पहली मुलाकात
अरुण जेटली के साथ हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए रजत शर्मा ने कहा, मुझे आज भी याद है जब कॉलेज मे मेरा पहला दिन था। मैं गरीब परिवार से था, एक-एक रुपये गिनकर फीस दे रहा था। 3 रुपये कम पड़ गए फिर पीछे से एक लड़का व्हाइट शर्ट व्हाइट पैंट पहने हुए आगे आया। अपनी जेब से 5 रुपये निकले और मेरी फीस भर दी, वो अरुण जेटली थे। फिर उन्होंने मुझे चाय पिलाई और मेरे बारे में पूछा। SRCC ने अरुण जेटली से मुझे मिलवाया।
आगे उन्होंने कहा, ”आज हमारे चीफ गेस्ट तरणजीत सिंह संधू जी यहां आये हैं, ये हमारा सौभाग्य है। आज भी अमेरिका में डिप्लोमेसी का नाम तरनजीत संधू जी है। संधू जी से भी अरुण जी के जरिए ही हम मिले। न्यूयॉर्क में जब अरुण जी की तबीयत खराब थी तब हम वहां इलाज के दौरान मिले थे। SRCC हमारे दिल में है। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी लेकिन मुझे आना था तो मैं डॉक्टप से बात करके आया हूं, अभी मेरी तबीयत ठीक है। SRCC के स्टूडेंटस जहां जाएंगे, अच्छा करेंगे। वहा कोई जरूर होगा जो अरुण जेटली की तरह आपके कंधे पर हाथ रखेगा।”
दिल्ली के LG तरणजीत सिंह संधू ने क्या कहा?
कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी शिरकत की। उन्होंने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर एक पोस्ट डाला, जिसमें लिखा है, ”श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) के 100वें वार्षिक दिवस समारोह का हिस्सा बनकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। शताब्दी एक असाधारण पड़ाव है, जो निरंतरता, जुझारूपन और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है। सर श्री राम द्वारा 1926 में स्थापित इस प्रतिष्ठित संस्थान ने नेताओं, नीति-निर्माताओं, उद्यमियों और पेशेवरों की कई पीढ़ियों को तैयार किया है, जिन्होंने भारत और दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। SRCC परिसर में दोबारा आना और अपनी पिछली यात्राओं -एक छात्र के तौर पर और फिर 2016 में- को याद करना मेरे लिए विशेष रूप से सार्थक अनुभव रहा।”


