झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के टहरौली तहसील क्षेत्र के लुहरगांव घाट गांव से ग्राम सभा की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव के निवासी श्यामकरन अहिरवार ने आरोप लगाया है कि गांव की आवासीय ग्राम सभा भूमि को साजिश के तहत अवैध रूप से बेच दिया गया और अब उस पर दबंगई के बल पर कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई जगह शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
श्यामकरन के अनुसार ग्राम लुहरगांव में स्थित आराजी संख्या 104 ग्राम सभा की आवासीय जमीन के रूप में दर्ज है। आरोप है कि इस जमीन को गुमान पाल, महेश तिवारी और राम प्रताप ने कथित रूप से नियमों के विरुद्ध पिता मनोहर पाल इनके दो लड़के है भगवानदास पाल और नरोत्तम पाल को बेच दिया। पीड़ित का कहना है कि ग्राम सभा की जमीन को इस प्रकार निजी लोगों को बेचना कानून के खिलाफ है और यह एक गंभीर मामला है।
पीड़ित का आरोप है कि जमीन की बिक्री के बाद पिता मनोहर पाल पुत्र भगवानदास पाल और नरोत्तम पाल ने उस पर अवैध कब्जा कर लिया और अब दबंगई के बल पर वहां निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। श्यामकरन का कहना है कि जब भी वह इस निर्माण को रोकने की कोशिश करते हैं तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं और डराने का प्रयास किया जाता है।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है और जांच कर कार्रवाई की मांग की है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका आरोप है कि 11 अप्रैल की सुबह भी उक्त जमीन पर गिट्टी डलवाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
श्यामकरन का कहना है कि वह लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव की सरकारी जमीन पूरी तरह कब्जे में चली जाएगी।


