वर्धा जिले के हिंगणघाट शहर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। महात्मा फुले वार्ड में रहने वाली एक मंदबुद्धि महिला के साथ कथित तौर पर जबरन ले जाने की कोशिश, हाथ पकड़कर दबाव बनाने और विरोध करने पर धमकी देने का आरोप सामने आया है। पीड़िता के परिवार की शिकायत पर हिंगणघाट पुलिस थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 7 बजे की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता श्रीमती रेखा दीपक पांडे, उम्र 52 वर्ष, जो नगर परिषद में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत हैं, ने पुलिस को दी गई अपनी जुबानी रिपोर्ट में बताया कि वह रोज की तरह अपनी बड़ी बहन लक्ष्मी सुरेश पांडे के घर स्नान और शौच के लिए गई थीं, क्योंकि उनके घर में शौचालय और बाथरूम की सुविधा नहीं है।
घटना के समय उनकी बड़ी बहन लक्ष्मी पांडे नगर परिषद में हाजिरी देने गई हुई थीं, जबकि उनकी भतीजी गंगा सुरेश पांडे, उम्र लगभग 35 वर्ष, घर पर अकेली थी। शिकायत में बताया गया है कि गंगा बचपन से ही मंदबुद्धि है और इसी कारण परिवार उसकी विशेष देखभाल करता है।
रेखा पांडे ने पुलिस को बताया कि जब वह शौचालय में थीं, तभी उन्हें बाहर किसी पुरुष की आवाज सुनाई दी। शक होने पर जब वह बाहर निकलीं तो उन्होंने देखा कि मोहल्ले में रहने वाला 70 वर्षीय विजु बापुराव साडे उनकी भतीजी गंगा का हाथ पकड़कर उसे अपने साथ चलने के लिए कह रहा था। शिकायत के अनुसार आरोपी कथित तौर पर कह रहा था कि जल्दी चलो, कुछ नहीं होगा।
जब गंगा ने आरोपी के साथ जाने से इनकार किया तो रेखा पांडे तुरंत मौके पर पहुंचीं और जोर से चिल्लाते हुए अपनी भतीजी को छुड़ाया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता को गालियां दीं और धमकी दी कि अगर पुलिस में रिपोर्ट की तो अंजाम बुरा होगा।
इतना ही नहीं, विरोध करने पर आरोपी ने रेखा पांडे को धक्का दिया, उनका हाथ मरोड़ा और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद शिकायतकर्ता ने तुरंत अपनी बड़ी बहन लक्ष्मी पांडे को बुलवाया और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार गंगा को साथ लेकर सीधे हिंगणघाट पुलिस थाना पहुंचा, जहां जुबानी रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
इस घटना के सामने आने के बाद महात्मा फुले वार्ड के लोगों में आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते परिवार की महिला मौके पर न पहुंचती, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पूरे क्षेत्र की नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आरोपी के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है।
यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक मानसिक रूप से कमजोर महिला को निशाना बनाने का आरोप है। ऐसी घटना ने समाज में महिलाओं और विशेष रूप से दिव्यांग व मानसिक रूप से कमजोर लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


