जहां पारिवारिक विवाद अब आपराधिक धमकियों और फर्जी दस्तावेजों तक पहुंच गया है। ग्राम मैनाई निवासी अमोल सिंह ने अपने ही बड़े भाई लक्ष्मन सिंह और गांव की ही उमारानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना रहली में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
आवेदक अमोल सिंह के अनुसार वह एक किसान हैं और उन्होंने वर्ष 2003 में अपनी निजी आय से एचएमटी 4922 ट्रैक्टर खरीदा था, जिसका पंजीयन उनके नाम पर आरटीओ कार्यालय में दर्ज है। उनका कहना है कि बड़े भाई होने के नाते लक्ष्मन सिंह लंबे समय से उक्त ट्रैक्टर और उससे जुड़े कृषि उपकरणों का उपयोग करते रहे, जिसे उन्होंने पारिवारिक समझदारी के तहत कभी रोका नहीं।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब अमोल सिंह को जानकारी मिली कि उनके ट्रैक्टर का नामांतरण फर्जी तरीके से कराया जा रहा है। इस संबंध में जब उन्होंने थाना में शिकायत की, तो आरोप है कि लक्ष्मन सिंह ने न केवल उनके साथ बल्कि उनके पुत्र पूरन के साथ भी गाली गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही उमारानी के माध्यम से झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।
आवेदक का यह भी आरोप है
कि लक्ष्मन सिंह का आपराधिक स्वभाव है और वह पहले से ही परिवार से रंजिश रखते हैं, जिसके चलते लगातार मानसिक दबाव और भय का माहौल बना हुआ है। बावजूद इसके, पीड़ित परिवार का कहना है कि थाना स्तर पर उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है
अमोल सिंह का कहना है की जय मुंशी जी 3 महीने से टाल रहे हैं और सामने वाले पार्टी से पैसे लेकर इस केस को रफा दफा करते ही जा रहे हैं
गांव में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर पारिवारिक विवाद इस हद तक कैसे पहुंच गया। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


