मुंबई/प्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला पारिवारिक मामला सामने आया है, जहां एक पति राशन लेने के बहाने घर से निकला और फिर वापस ही नहीं लौटा। पीड़ित महिला का आरोप है कि पति ने उसके नाम पर फाइनेंस कराकर गाड़ी ली और फिर अचानक गायब हो गया। अब महिला दो छोटे बीमार बच्चों के साथ परेशान होकर न्याय की गुहार लगा रही है।
पीड़िता मीरा ने बताया कि वह अधिक पढ़ी-लिखी नहीं है और अपने पति सोनू निषाद के साथ छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर इलाके में किराए के कमरे में रहती थी। उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें चार साल का बेटा और दो साल की बेटी शामिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है और दोनों बच्चों की तबीयत भी अक्सर खराब रहती है, जिससे परेशानियां और बढ़ गई हैं।
मीरा के अनुसार, उसके पति सोनू निषाद प्रतापपुर के रामफ्लो इलाके में ठेकेदारी का काम करते थे और पूरा परिवार वहीं किराए के कमरे में रह रहा था। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके पति का किसी अन्य महिला से बातचीत और संपर्क बढ़ गया था, जिससे घर में अक्सर विवाद होता था। इसी बीच 15 मार्च को सोनू निषाद ने पत्नी से कहा कि वह किराना और राशन लेने जा रहा है और बच्चों का ध्यान रखने को कहकर घर से निकल गया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
पीड़िता का कहना है कि हाल ही में उसके पति ने उसके नाम पर एक गाड़ी फाइनेंस करवाई थी। अब गाड़ी और कर्ज दोनों उसके नाम पर हैं, जबकि पति फरार हो गया है। मीरा का आरोप है कि पति का फोन भी लगातार बंद आ रहा है। महिला का कहना है कि उसे बाद में पता चला कि उसका पति किसी अन्य महिला से लगातार संपर्क में है और उससे यह भी पूछता रहता है कि उसकी पत्नी वहां से चली गई या नहीं।
मीरा ने पूरी घटना अपनी मां मुन्नी देवी को बताई, जिसके बाद मुन्नी देवी तुरंत छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर पहुंचीं और अपनी बेटी व दोनों बच्चों को वहां से लेकर मुंबई आ गईं। फिलहाल मीरा अपने बच्चों के साथ मुंबई में रह रही है, लेकिन आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान है।
पीड़िता का कहना है कि उसने इस मामले में छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महिला ने प्रशासन और पुलिस से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि उसके पति को ढूंढकर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके और उसे इस संकट से राहत मिल सके।


