Thursday, March 19, 2026
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बदायूं में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, दबंगों पर अवैध कब्जे और निर्माण की कोशिश का आरोप

बदायूं। जिले के दातागंज तहसील क्षेत्र से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी खरीदी हुई भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण करने की कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष पैमाइश कराने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम महिला परगना सलेमपुर निवासी इरशाद खाँ ने वर्ष 2011 में ग्राम कुड़ा कुठिया सुल्तानपुर स्थित गाटा संख्या 22/3 (रकबा 0.468) और गाटा संख्या 23 (रकबा 0.063) की भूमि विधिवत बैनामा कर खरीदी थी। दोनों ही जमीनों का दाखिल-खारिज भी पूरा हो चुका है और तब से वह लगातार इन पर खेती करते आ रहे हैं।

पीड़ित का कहना है कि उक्त जमीन मुख्य मार्ग पर स्थित है और इसके आसपास तीन तरफ बस्ती विकसित हो चुकी है, जिससे जमीन की कीमत और महत्व बढ़ गया है। इसी बीच गांव के ही कुछ लोग—नरेश सिंह, केन्द्र सिंह, उर्वेश सिंह और रघुराज सिंह—अब इस जमीन को अपनी बताकर उस पर जबरन कब्जा करने और अवैध निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं।

इरशाद खाँ का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उक्त लोगों ने विवाद खड़ा कर दिया और लगातार दबाव बनाने लगे। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत थाना पुलिस, उप जिलाधिकारी दातागंज समेत अन्य अधिकारियों से भी की गई, जिसके चलते कुछ समय के लिए अवैध निर्माण रुका, लेकिन अब फिर से निर्माण कराने की कोशिश की जा रही है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व विभाग द्वारा की गई पूर्व पैमाइश को भी आरोपी मानने से इनकार कर रहे हैं और अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अनहोनी घटना हो सकती है, क्योंकि आरोपी पक्ष लगातार झगड़े पर आमादा है।

इस पूरे मामले को लेकर इरशाद खाँ ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए मांग की है कि उच्चाधिकारियों की उपस्थिति में राजस्व टीम गठित कर दोनों गाटा संख्याओं की दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और अवैध कब्जे की कोशिश पर रोक लगाई जा सके।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

 

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