गोण्डा।
इटियाथोक थाना क्षेत्र के रमवापुर गोविन्दा गांव में आबादी की जमीन को लेकर चला आ रहा विवाद अब हिंसक टकराव में बदल चुका है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के दबंग सदाशिव पाण्डेय और उनके पुत्रों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर न सिर्फ जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, बल्कि महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों तक को नहीं बख्शा।
दिनदहाड़े हमला, लाठी‑डंडा और कुल्हाड़ी से मारपीट
पीड़ित सूर्य नारायण पाण्डेय, सुधीर कुमार, पवन कुमार और दिनेश कुमार के अनुसार 5 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 12:30 बजे विपक्षीगण अवैध असलहा, सरिया, लाठी और कुल्हाड़ी लेकर घर के सामने स्थित आबादी की जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। मना करने पर आरोपियों ने घर में घुसकर पूरे परिवार पर हमला कर दिया।
हमले में सूर्य नारायण, सुधीर कुमार, पवन कुमार और दिनेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हालत गंभीर होने पर सूर्य नारायण को जिला अस्पताल से किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ रेफर किया गया, जहां सीटी स्कैन कराया गया।
महिलाओं और बच्चों के साथ अभद्रता
पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने घर में मौजूद महिलाओं के साथ गाली‑गलौज और अभद्र व्यवहार किया। छोटे बच्चों पर भी ईंट‑पत्थर फेंके गए। परिवार में गर्भवती महिला और 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चे मौजूद थे, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई।
बीमार भाइयों को बनाया निशाना, दिल्ली में रहता है एक भाई
परिवार ने बताया कि सुधीर कुमार दिल्ली में काम करते हैं और वहीं रहते हैं। गांव में उनके दो बड़े भाई पवन कुमार और दिनेश कुमार गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर विपक्षी आए दिन मारपीट, धमकी और उत्पीड़न करते हैं। सुधीर की पत्नी संजू पाण्डेय अपने 6 बच्चों के साथ गांव में रहती हैं, जिन्हें लगातार डराया‑धमकाया जा रहा है।
गवाहों के शपथ‑पत्र, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
घटना के प्रत्यक्षदर्शी तिलक चन्द्र सहित कई ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को शपथ‑पत्र देकर बताया कि सदाशिव और उनके पुत्रों ने खुलेआम जान से मारने और पूरे परिवार को गांव से उजाड़ देने की धमकी दी।
पीड़ितों का आरोप है कि थाना स्तर पर कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक और उच्च अधिकारियों को शपथ‑पत्र सहित प्रार्थना पत्र भेजना पड़ा।
दीवानी अदालत में भी चल रहा मामला
पीड़ित पक्ष के अनुसार आबादी की इसी जमीन को लेकर दीवानी न्यायालय में वाद विचाराधीन है, जिसकी अगली तारीख 12 दिसंबर 2025 नियत है। इसके बावजूद विपक्षी कानून को हाथ में लेकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
गांव में तनाव, प्रशासन से सुरक्षा की मांग
लगातार हो रही घटनाओं से गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अवैध कब्जा रुकवाने और जान‑माल की सुरक्षा की मांग की ।


