संत कबीर नगर।
रोज़गार की उम्मीद लेकर मशीन खरीदने वाला एक गरीब युवक अब न्याय की गुहार लगा रहा है। संत कबीर नगर जिले के थाना घनघटा क्षेत्र निवासी रामप्रवेश पांडे (उम्र 25 वर्ष), पिता रंगनाथ पांडे ने कानपुर की एक मशीन निर्माता कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि करीब दो महीने पहले उसने दोना-पत्तल बनाने वाली ऑटोमेटिक डबल डाई हाइड्रोलिक मशीन और उससे जुड़ा मटेरियल खरीदा था, जिस पर उसे करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़े, लेकिन आज तक न तो मशीन पूरी तरह मिली और न ही वह चलने लायक है।
रामप्रवेश के अनुसार, यह मशीनें उसने कानपुर के गोविंद नगर, नंदलाल चौराहा स्थित महादेव कॉरपोरेशन एजेंसी से खरीदी थीं। कंपनी की ओर से दावा किया गया था कि सभी पार्ट्स के साथ डबल डाई हाइड्रोलिक मशीन जल्द चालू करा दी जाएगी, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट निकली। पीड़ित का आरोप है कि कभी हीटर नहीं भेजा गया, कभी डीआई (डाई) नहीं दी गई और कभी कोई अन्य जरूरी पार्ट अधूरा या गायब रहा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी हर बार नया बहाना बनाकर हर पार्ट के लिए अलग-अलग चार्ज, अलग समय और गाड़ी भाड़ा व मजदूरी के नाम पर भी पैसे मांगती रही। रामप्रवेश का कहना है कि जो मटेरियल दिया गया, वह भी पूरी तरह घटिया और खराब निकला, जिससे डबल डाई हाइड्रोलिक मशीन चलाना तो दूर, उसका नुकसान और बढ़ गया।
पीड़ित युवक ने बताया कि उसने यह मशीन इसलिए खरीदी थी ताकि वह स्वरोज़गार शुरू कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके और आत्मनिर्भर बन सके, लेकिन अब वह कर्ज और मानसिक तनाव में डूब गया है। दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कंपनी की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, कोई ठोस समाधान नहीं।
रामप्रवेश पांडे ने साफ शब्दों में कहा कि,
“मेरे साथ जो हुआ, वैसा किसी और गरीब के साथ न हो,”
इसी उद्देश्य से वह अपनी बात सार्वजनिक कर रहा है। उसने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी कंपनी व एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसे कथित फर्जी कारोबार पर रोक लग सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर पीड़ित युवक को न्याय दिलाएगा, या फिर एक और गरीब की मेहनत की कमाई यूं ही डूब जाएगी।


