लखनऊ | कृष्णा नगर थाना क्षेत्र
कानपुर रोड स्थित कृष्णा नगर इलाके में ज्वेलर्स की दुकान पर सात साल से सेल्समैन का काम कर रहे अंशु कुमार पाल (29) पर दुकान मालिक द्वारा 18 सोने की चेन चोरी करने का आरोप लगाए जाने के बाद मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
अंशु के पिता रामविलास पाल का आरोप है कि बेटे को बिना FIR दर्ज किए तीन दिनों से थाने में बंद रखा गया है, जहां पुलिस मारपीट कर जबरन चोरी कबूल करवाने का दबाव बना रही है।
मुंडन समारोह में हुआ खर्च, उसी के बाद दुकान मालिक को हुआ शक
रामविलास पाल के मुताबिक, 13 नवंबर को अंशु के छोटे बेटे का मुंडन था, जिसमें लगभग 1 से 1.5 लाख रुपए खर्च हुए थे। परिवार ने कार्यक्रम में दुकान के सभी कर्मचारियों को भी बुलाया था।
पिता का कहना है कि यही खर्च देखकर दुकान मालिक को अंशु पर शक हो गया, जबकि दुकान में चोरी होने की कोई घटना सामने नहीं आई थी।
16 नवंबर को दुकान पहुंचा तो लगे आरोप, धमकाया भी
अंशु जब 16 नवंबर को रोज़ की तरह दुकान पहुंचा, तो दुकान मालिक ने उसे बुलाकर 18 सोने की चेन चोरी करने का आरोप लगाया, झगड़ा किया और धमकाया। इससे घबराकर अंशु मानसिक तनाव में चला गया और फोन बंद कर दिल्ली अपने चाचा/रिश्तेदारों के पास चला गया।
परिवार को पता चलने पर वापस बुलाया, पुलिस ने पहुंचते ही उठा लिया
19 नवंबर को जब परिवार को पूरी जानकारी मिली, तो उन्होंने अंशु को वापस लखनऊ बुलाया।
रामविलास का आरोप है कि घर पहुंचते ही पुलिस उसे उठाकर थाने ले गई और 21 नवंबर तक बिना FIR उसके बेटे को थाने में ही बंद रखे हुए हैं।
पिता का आरोप—पुलिस कहती है “डेढ़ करोड़ रुपए की चोरी मान लो”
रामविलास पाल का कहना है कि पहले 18 चेन चोरी का आरोप लगाया गया, लेकिन अब पुलिस उस पर 1.5 करोड़ रुपए की चोरी का दबाव बना रही है।
उनका आरोप है कि थाने में मारपीट हो रही है, और धमकी दी जा रही है—
“जुर्म नहीं कबूलोगे तो जान से मार देंगे।”
“अगर चोरी हुई थी तो FIR क्यों नहीं?”—पिता का सवाल
रामविलास पाल लगातार यही सवाल उठा रहे हैं—
“अगर दुकान में चोरी हुई थी, तो FIR कहाँ है?
बिना केस, बिना कोर्ट में पेश किए, मेरा बेटा तीन दिन से थाने में कैसे रखा गया?”
अंशु की पत्नी और दो छोटे बच्चे घर में व्याकुल हैं और उसके लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं।


