लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद जागीर की रहने वाली एक महिला ने अपने ही पति पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन अब तक उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो सकी है। आरोप है कि थाने में दिए गए आवेदन तक फाड़ दिए जाते हैं, जिसके कारण वह बेहद भय और तनाव में जीवन गुजारने को मजबूर है।
पीड़िता श्रीमती रुचि पत्नी सूरज राजपूत का आरोप है कि 12 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10 बजकर 14 मिनट पर उनके पति के मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। रुचि का कहना है कि फोन पर उनके पति ने अपने दोस्तों से भी गाली-गलौज करवाई और कहा कि वह घर आकर उन्हें जान से मार देंगे। इस घटना के बाद से वह और उनकी छोटी बच्ची बेहद डर और दहशत में हैं।
रुचि ने यह भी बताया कि उनकी शादी उनकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती कराई गई थी। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पति आए दिन मारपीट करते हैं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।
रुचि का कहना है कि उनकी शादी को करीब सात साल हो चुके हैं, लेकिन लंबे समय से उनके पति सूरज राजपूत उन्हें मारते-पीटते हैं और लगातार अपशब्द कहते हैं। इतना ही नहीं, वह अपनी छह साल की बेटी जयतिका के पालन-पोषण का खर्च भी नहीं उठाते। मजबूरी में रुचि घर-घर जाकर झाड़ू-पोछा का काम करती हैं और उसी से अपनी बच्ची का खर्च चलाती हैं।
पीड़िता के अनुसार उनके पिता जियालाल और माता माधुरी हैं, लेकिन दो महीने पहले ही उनकी मां का निधन हो गया। रुचि की तीन बहनें हैं और परिवार में कोई भाई नहीं है। आरोप है कि इसी बात का फायदा उठाकर उनके पति जमीन-जायदाद के लालच में उन्हें प्रताड़ित करते हैं और बार-बार धमकी देते हैं कि पेट्रोल डालकर उन्हें, उनकी बच्ची और उनके पिता को जिंदा जला देंगे।
रुचि का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सुनाई है, जिसमें धमकी और गाली-गलौज साफ सुनाई देती है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वह कई बार थाना बिजनौर और पुलिस चौकी पर शिकायत लेकर गईं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
पीड़िता का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि उनकी शिकायत पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पति और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें और उनकी मासूम बेटी को सुरक्षा मिल सके।
